- ऑनलाइन शॉपिंग में डायनामिक प्राइसिंग से कीमतें बदलती हैं।
- गुप्त मोड, कैश क्लियर कर कम कीमत पता करें।
- प्राइस ट्रैकर नकली छूट पहचानने और इतिहास देखने में सहायक।
- कार्ट में छोड़कर, बैंक ऑफर व सही समय का ध्यान रखें।
आज के वक्त में अगर किसी को नया फोन खरीदना हो तो वह मार्केट जाने के वजह है ऑनलाइन खरीदना पसंद करते हैं. ऑनलाइन खरीदारी में यह चीज अच्छी होती है कि वहां आप एक फोन को अलग-अलग प्लेटफॉर्म्स पर आसानी से चेक कर सकते हैं और उसकी कीमत कंपेयर कर सकते हैं. कई बार ऐसा होता है कि आप अपने फोन से किसी मोबाइल का दाम देखते हैं तो वह महंगा दिखता है. लेकिन वही चीज आपके दोस्त के फोन में सस्ती नजर आती है.
दरअसल ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स का एल्गोरिदम आपकी सर्च हिस्ट्री और फोन के मॉडल को ट्रैक करके कीमतें तय करता है. इसे डायनेमिक प्राइसिंग कहते हैं. अगर आप भी अमेजॉन, फ्लिपकार्ट या Myntra से शॉपिंग करते वक्त एक्स्ट्रा पैसे नहीं देना चाहते. तो आपको सर्च करने का अपना पुराना तरीका बदलिए. नए तरीके अपनाकर आप सबसे कम कीमत पर खरीद सकते हैं और हजारों रुपये बचा सकते हैं. चलिए बताते हैं ऑनलाइन शॉपिंग के यह सीक्रेट तरीके.
Incognito मोड और Cache क्लियर से Price कम
जब भी आप किसी शॉपिंग App या फिर Website पर बार-बार एक ही फोन सर्च करते हैं. तो वेबसाइट समझ जाती है कि आपको उस फोन की सख्त जरूरत है. ऐसे में एल्गोरिदम उस प्रोडक्ट का दाम थोड़ा बढ़ा देता है और उस पर मिलने वाला डिस्काउंट कम कर देता है. इस चालाकी से बचने का सबसे आसान तरीका है कि आप अपने ब्राउजर के इनकॉग्निटो मोड यानी प्राइवेट विंडो का इस्तेमाल करें.
प्राइवेट मोड में आपकी सर्च हिस्ट्री और कुकीज सेव नहीं होतीं जिससे शॉपिंग साइट को पता नहीं चलता कि आप पुराने कस्टमर हैं या बार-बार वही फोन देख रहे हैं. इसके अलावा अगर आप ऐप इस्तेमाल कर रहे हैं तो शॉपिंग करने से पहले अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर ऐप का Cache डेटा क्लियर कर दें. iPhone यूजर्स की तुलना में सस्ते एंड्रॉयड फोन से सर्च करने पर भी कई बार कीमतें कम दिखती हैं. इसलिए खरीदने से पहले घर के किसी दूसरे फोन से भी कीमत जरूर चेक करें.
Price ट्रैकर एक्सटेंशन से पकड़ें Fake डिस्काउंट
फेस्टिव सेल और स्पेशल ऑफर्स के दौरान ई-कॉमर्स साइट्स अक्सर कीमतों को पहले बढ़ा देती हैं और फिर भारी डिस्काउंट का टैग लगा देती हैं. आम ग्राहक को लगता है कि फोन बहुत सस्ता मिल रहा है. जबकि वह अपनी पुरानी कीमत पर ही बिक रहा होता है. इस झांसे से बचने के लिए आपको Price ट्रैकर टूल्स या फिर क्रोम एक्सटेंशन का सहारा लेना चाहिए. गूगल पर कई ऐसे फ्री टूल्स मौजूद हैं जहां किसी भी फोन का लिंक डालने पर आपको उसके पिछले छह महीने का प्राइस ग्राफ दिख जाता है.
इससे साफ पता चल जाता है कि उस फोन की सबसे कम कीमत कब थी और अभी जो दाम दिख रहा है वह वाकई सस्ता है भी या नहीं. इन टूल्स में आप Price ड्रॉप अलर्ट भी सेट कर सकते हैं. जैसे ही अमेजॉन, फ्लिपकार्ट या Myntra पर आपके पसंदीदा प्रोडक्ट का दाम आपके बजट में आएगा आपके पास तुरंत नोटिफिकेशन आ जाएगा और आप सही समय पर चौका मार सकेंगे.
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Cart में छोड़कर इंतजार करें और कूपन कोड्स मिलाएं
ऑनलाइन शॉपिंग में जल्दबाजी हमेशा नुकसान करवाती है. अगर आपको कोई फोन या Myntra पर कोई महंगा आउटफिट पसंद आ गया है. तो उसे तुरंत खरीदने के बजाय अपने Cart में ऐड करके छोड़ दें. ई-कॉमर्स कंपनियां अपने कार्ट में पड़े सामान को बिकवाने के लिए काफी बेताब रहती हैं. दो से तीन दिन तक प्रोडक्ट को कार्ट में पड़ा रहने देने पर अक्सर कंपनियां खुद आपको एक्स्ट्रा डिस्काउंट कूपन या स्पेशल प्राइस ड्रॉप का नोटिफिकेशन भेजती हैं.
इसके अलावा पेमेंट पेज पर जाने से पहले बैंक ऑफर्स, एक्सचेंज बोनस और सुपरकॉइन्स या रिवॉर्ड पॉइंट्स का इस्तेमाल जरूर करें. कई बार प्लेटफॉर्म पर सीधा डिस्काउंट कम होता है. लेकिन किसी खास क्रेडिट कार्ड या EMI ऑप्शन को चुनने पर सीधा 2 से 4 हजार रुपये का इंस्टेंट डिस्काउंट मिल जाता है. रात के समय या हफ्ते के बीच में यानी मंगलवार और बुधवार को भी अक्सर कीमतें वीकेंड के मुकाबले थोड़ी कम रहती हैं इसलिए सर्च करते वक्त टाइमिंग का भी पूरा ध्यान रखें.
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