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दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनियों का सालाना टर्नओवर कितना? होश उड़ा देगी रकम

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लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी लोगों के खर्च से यह कंपनियां साल भर में कितना पैसा छापती हैं. इन दिग्गज कंपनियों का सालाना टर्नओवर यानी रेवेन्यू इतना ज्यादा है कि दुनिया के कई बड़े और अमीर देशों की कुल GDP भी इनके सामने मामूली नजर आती है. अगर आप इनकी सालाना कमाई के असली आंकड़े जान लेंगे. तो यकीन मानिए आपके होश उड़ जाएंगे. चलिए जानते हैं इन दिग्गज कंपनियों की कमाई का हिसाब-किताब.

लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी लोगों के खर्च से यह कंपनियां साल भर में कितना पैसा छापती हैं. इन दिग्गज कंपनियों का सालाना टर्नओवर यानी रेवेन्यू इतना ज्यादा है कि दुनिया के कई बड़े और अमीर देशों की कुल GDP भी इनके सामने मामूली नजर आती है. अगर आप इनकी सालाना कमाई के असली आंकड़े जान लेंगे. तो यकीन मानिए आपके होश उड़ जाएंगे. चलिए जानते हैं इन दिग्गज कंपनियों की कमाई का हिसाब-किताब.

कमाई की इस रेस में ई-कॉमर्स और क्लाउड कंपनी Amazon सबसे आगे खड़ी नजर आती है. Amazon का सालाना रेवेन्यू 575 बिलियन डॉलर यानी करीब 48 लाख करोड़ रुपये के पार जा चुका है. आम लोगों को लगता है कि Amazon सिर्फ ऑनलाइन सामान बेचकर पैसा कमाती है. लेकिन इसकी असली कमाई Amazon वेब सर्विसेज यानी क्लाउड बिजनेस और प्राइम मेंबरशिप से भरती है जहां दुनिया भर की कंपनियां करोड़ों चुकाती हैं.

कमाई की इस रेस में ई-कॉमर्स और क्लाउड कंपनी Amazon सबसे आगे खड़ी नजर आती है. Amazon का सालाना रेवेन्यू 575 बिलियन डॉलर यानी करीब 48 लाख करोड़ रुपये के पार जा चुका है. आम लोगों को लगता है कि Amazon सिर्फ ऑनलाइन सामान बेचकर पैसा कमाती है. लेकिन इसकी असली कमाई Amazon वेब सर्विसेज यानी क्लाउड बिजनेस और प्राइम मेंबरशिप से भरती है जहां दुनिया भर की कंपनियां करोड़ों चुकाती हैं.

दूसरी तरफ iPhone बनाने वाली कंपनी Apple का सालाना टर्नओवर करीब 385 बिलियन डॉलर यानी लगभग 32 लाख करोड़ रुपये है. Apple की ताकत सिर्फ उसके महंगे iPhone, Macbook और iPad की बिक्री नहीं है. कंपनी अपने App स्टोर, Apple म्यूजिक और iCloud स्टोरेज जैसी डिजिटल सर्विसेज से ही हर साल अरबों डॉलर कमा लेती है.

दूसरी तरफ iPhone बनाने वाली कंपनी Apple का सालाना टर्नओवर करीब 385 बिलियन डॉलर यानी लगभग 32 लाख करोड़ रुपये है. Apple की ताकत सिर्फ उसके महंगे iPhone, Macbook और iPad की बिक्री नहीं है. कंपनी अपने App स्टोर, Apple म्यूजिक और iCloud स्टोरेज जैसी डिजिटल सर्विसेज से ही हर साल अरबों डॉलर कमा लेती है.

इंटरनेट की दुनिया के बेताज बादशाह Google की पैरेंट कंपनी Alphabet का सालाना टर्नओवर 307 बिलियन डॉलर यानी करीब 25.5 लाख करोड़ रुपये है. लोगों को लगता है कि Google सर्च,Youtube और Gmail जैसी सुविधाएं बिल्कुल फ्री हैं. लेकिन इंटरनेट पर कुछ भी फ्री नहीं होता. Google हमारी सर्च हिस्ट्री और पसंद को ट्रैक करके डिजिटल ऐड के जरिए हर साल लाखों करोड़ रुपये कमाता है.

इंटरनेट की दुनिया के बेताज बादशाह Google की पैरेंट कंपनी Alphabet का सालाना टर्नओवर 307 बिलियन डॉलर यानी करीब 25.5 लाख करोड़ रुपये है. लोगों को लगता है कि Google सर्च,Youtube और Gmail जैसी सुविधाएं बिल्कुल फ्री हैं. लेकिन इंटरनेट पर कुछ भी फ्री नहीं होता. Google हमारी सर्च हिस्ट्री और पसंद को ट्रैक करके डिजिटल ऐड के जरिए हर साल लाखों करोड़ रुपये कमाता है.

कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Microsoft का सालाना रेवेन्यू भी 245 बिलियन डॉलर यानी करीब 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. Windows और ऑफिस सॉफ्टवेयर के अलावा Microsoft ने क्लाउड कंप्यूटिंग और OpenAI यानी ChatGPT में जो बड़ा निवेश किया है. उसने कंपनी की कमाई को नई रफ्तार दे दी है. दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियां अपना रोजमर्रा का कामकाज चलाने के लिए Microsoft को मोटी रकम देती हैं.

कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर सेक्टर की दिग्गज कंपनी Microsoft का सालाना रेवेन्यू भी 245 बिलियन डॉलर यानी करीब 20 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. Windows और ऑफिस सॉफ्टवेयर के अलावा Microsoft ने क्लाउड कंप्यूटिंग और OpenAI यानी ChatGPT में जो बड़ा निवेश किया है. उसने कंपनी की कमाई को नई रफ्तार दे दी है. दुनिया की तमाम बड़ी कंपनियां अपना रोजमर्रा का कामकाज चलाने के लिए Microsoft को मोटी रकम देती हैं.

पिछले कुछ समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की लहर ने Nvidia को कमाई के मामले में ऊपर पहुंचा दिया है. AI चिप और ग्राफिक्स कार्ड बनाने वाली इस कंपनी का सालाना रेवेन्यू उछलकर 100 बिलियन डॉलर यानी 8 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. आज Google से लेकर Meta तक हर बड़ी कंपनी को अपना AI सिस्टम चलाने के लिए Nvidia की महंगी चिप मुंहमांगी कीमत पर खरीदनी पड़ रही है.

पिछले कुछ समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की लहर ने Nvidia को कमाई के मामले में ऊपर पहुंचा दिया है. AI चिप और ग्राफिक्स कार्ड बनाने वाली इस कंपनी का सालाना रेवेन्यू उछलकर 100 बिलियन डॉलर यानी 8 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है. आज Google से लेकर Meta तक हर बड़ी कंपनी को अपना AI सिस्टम चलाने के लिए Nvidia की महंगी चिप मुंहमांगी कीमत पर खरीदनी पड़ रही है.

सोशल मीडिया की दुनिया पर राज करने वाली कंपनी Meta भी पैसा छापने की मशीन बन चुकी है. Facbook, Instagram और WhatsApp चलाने वाली इस कंपनी का सालाना टर्नओवर करीब 135 बिलियन डॉलर यानी 11 लाख करोड़ रुपये के पार है. Instagram पर रील्स स्क्रॉल करते वक्त और ebookFac फीड देखते हुए जो ऐड हमारे सामने आते हैं उन्हीं से मार्क जुकरबर्ग की कंपनी हर मिनट करोड़ों रुपये की कमाई करती है.

सोशल मीडिया की दुनिया पर राज करने वाली कंपनी Meta भी पैसा छापने की मशीन बन चुकी है. Facbook, Instagram और WhatsApp चलाने वाली इस कंपनी का सालाना टर्नओवर करीब 135 बिलियन डॉलर यानी 11 लाख करोड़ रुपये के पार है. Instagram पर रील्स स्क्रॉल करते वक्त और ebookFac फीड देखते हुए जो ऐड हमारे सामने आते हैं उन्हीं से मार्क जुकरबर्ग की कंपनी हर मिनट करोड़ों रुपये की कमाई करती है.

अगर इन छह सबसे बड़ी टेक कंपनियों के सालाना टर्नओवर को आपस में जोड़ दिया जाए. तो यह रकम 140 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैठती है. यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि भारत के कुल सालाना बजट से कई गुना बड़ा है और दुनिया के ज्यादातर देशों की कुल अर्थव्यवस्था भी इसके सामने कहीं नहीं टिकती. आने वाले समय में AI के विस्तार से इनकी कमाई और बढ़ने वाली है.

अगर इन छह सबसे बड़ी टेक कंपनियों के सालाना टर्नओवर को आपस में जोड़ दिया जाए. तो यह रकम 140 लाख करोड़ रुपये से भी ज्यादा बैठती है. यह आंकड़ा इतना बड़ा है कि भारत के कुल सालाना बजट से कई गुना बड़ा है और दुनिया के ज्यादातर देशों की कुल अर्थव्यवस्था भी इसके सामने कहीं नहीं टिकती. आने वाले समय में AI के विस्तार से इनकी कमाई और बढ़ने वाली है.

Published at : 28 Oct 2026 01:53 PM (IST)

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