
फोन को टेबल पर सपाट रखने की जगह स्टैंड पर रखने से स्क्रीन सामने दिखाई देती है और काम करना आसान हो जाता है. मैग्नेटिक अलाइनमेंट वाला स्टैंड फोन को सही जगह पर टिकाने में मदद करता है. ज्यादातर एंड्रॉयड फोन में मैग्नेट नहीं होता, इसलिए मैग्नेटिक कवर या मेटल रिंग की जरूरत पड़ सकती है. रिंग को पुराने कवर के पीछे चिपकाया जा सकता है. कुछ स्टैंड रिंग के साथ भी आते हैं. स्टैंड को 180 डिग्री और बेस को 360 डिग्री तक घुमाया जा सकता है. इससे फोन को वर्टिकल या हॉरिजॉन्टल रखकर सही एंगल चुना जा सकता है.

टच स्क्रीन और वर्चुअल कीबोर्ड से काम तो किया जा सकता है, लेकिन फिजिकल माउस और कीबोर्ड से टाइपिंग और स्क्रीन कंट्रोल करना ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है. माउस से स्क्रीन पर कर्सर दिखाई देता है, जिससे फोन को कंप्यूटर की तरह चलाना आसान होता है. अगर आपके पास वायर्ड माउस है, तो उसे फोन के USB-C पोर्ट में लगाया जा सकता है. USB-A कनेक्टर वाले माउस के लिए USB-A से USB-C अडैप्टर की जरूरत होगी. फोल्डिंग कीबोर्ड इस सेटअप को पोर्टेबल बनाए रखने में मदद करता है.

कंप्यूटर की तरह फोन में कई डिवाइस जोड़ने के लिए USB-C हब का इस्तेमाल किया जा सकता है. इसे फोन के चार्जिंग पोर्ट में लगाकर माउस, कीबोर्ड या पेनड्राइव जैसी चीजें एक साथ कनेक्ट की जा सकती हैं. यह ऑनलाइन मीटिंग और बड़ी स्क्रीन पर प्रेजेंटेशन दिखाने के लिए उपयोगी हो सकता है.

फोन को स्टैंड पर रखने से पहले उसे अपनी जरूरत के हिसाब से वर्टिकल या हॉरिजॉन्टल स्थिति में सेट किया जा सकता है. इससे स्क्रीन को सामने रखकर काम करना आसान होगा. स्टैंड के घूमने वाले हिस्सों की मदद से देखने का एंगल भी बदला जा सकता है.

फोन को मिनी-कंप्यूटर बनाने के लिए हर चीज नई खरीदना जरूरी नहीं है. अगर आपके पास पहले से वायर्ड माउस है, तो USB-A से USB-C अडैप्टर की मदद से उसे इस्तेमाल किया जा सकता है. इसी तरह, पुराने फोन कवर पर मेटल रिंग लगाकर मैग्नेटिक स्टैंड का इस्तेमाल किया जा सकता है.

एक स्टैंड, माउस और फोल्डिंग कीबोर्ड की मदद से फोन को पोर्टेबल कंप्यूटर की तरह इस्तेमाल किया जा सकता है. जरूरत पड़ने पर USB-C हब जोड़कर कई डिवाइस एक साथ कनेक्ट की जा सकती हैं.
Published at : 13 Sep 2026 10:01 PM (IST)