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जगदीप धनखड़ ने उपराष्ट्रपति के पद से क्यों दिया इस्तीफा? हामिद अंसारी ने दिया ये जवाब

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जगदीप धनखड़ के इस्तीफे को लेकर देश के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने शुक्रवार (6 जनवरी, 2026) को बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि मुझे आज तक कुछ भी पता नहीं है कि असल में क्या हुआ. उन्होंने कहा कि मैं सिर्फ इतना जानता हूं कि उपराष्ट्रपति का पद देश के बहुत बड़ा पद होता है और उस पद से इस्तीफा देना पहले कभी नहीं हुआ है.

हामिद अंसारी ने कहा कि ऐसा (उपराष्ट्रपति का इस्तीफा) सिर्फ एक ही स्थिति में होता है, जब कोई उपराष्ट्रपति देश का राष्ट्रपति बन जाता है, तब वो अपने पद से इस्तीफा देकर दूसरा पद को ग्रहण करता है. नहीं तो ऐसा ऊंचे पद से कौन इस्तीफा देता है. उन्होंने कहा कि यहां क्या हा, इसके पीछे की कहानी क्या है, मुझे नहीं पता.

जगदीप धनखड़ पर किसी तरह के दवाब होने की बात पर हामिद अंसारी ने कहा कि उन पर कोई दबाव नहीं था, उन्होंने बस इस्तीफा दिया और चले गए.

देश में भाईचारा धीरे-धीरे खत्म हो रहाः अंसारी

उत्तराखंड के कोटद्वार में बाबा स्कूल ड्रेस एंड मैचिंग सेंटर नाम के कपड़ों की दुकान पर हुए हमले को लेकर पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा, ‘जातिवाद एक बात है, भाषा एक अलग बात है और उत्तराखंड में हुई यह घटना, ये सब अलग-अलग नहीं हैं. यह सब इस बात का नतीजा है कि आपसी भाईचारा धीरे-धीरे खत्म हो रहा है.’

उन्होंने कहा, ‘लद्दाख से लेकर कन्याकुमारी तक जाइए तो क्या समानता है? न उनकी भाषा एक है, न रहन-सहन एक जैसा है, न ही खान-पान, लेकिन एक चीज है जो सबको जोड़ती है कि वे सभी इस देश के नागरिक हैं और यही हमें एकजुट रखती है. अगर उस भावना को, उस पौधे को सींचा नहीं जाएगा, तो वह धीरे-धीरे मुरझाने लगेगा.’

देश में भेदभाव के लिए प्रत्येक व्यक्ति जिम्मेदार हैः अंसारी

उन्होंने कहा कि आज हम जो अखबारों में पढ़ते हैं कि वहां भाषा पर विवाद हो गया, कहीं किसी के धर्म पर झगड़ा हो गया और कहीं किसी और बात को लेकर झगड़ा हो गया तो इस भेदभाव के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं, हममें से हर एक इसके लिए जिम्मेदार हैं. मैं इसके लिए किसी एक शख्स को पूरी तरह दोषी नहीं ठहरा सकता. समाज में जो माहौल बना है, उसे बनाने में हर किसी की भूमिका है. बड़े नेता की बड़ी भूमिका होती है, छोटे नेता की छोटी भूमिका होती है. आज भाईचारे की भावना खत्म होती जा रही है.’

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