पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार ने राघव चड्डा की सिक्योरिटी को वापस ले लिया है, जिसके बाद केंद्र सरकार ने राघव चड्ढा को जेड सिक्योरिटी कवर दिया है. दिल्ली और पंजाब में राघव चड्ढा को Z सुरक्षा कवर मिलेगा, जबकि बाकी जगहों के लिए Y प्लस सिक्योरिटी रहेगी. सूत्रों के मुताबिक, आईबी की थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर गृह मंत्रालय ने ये फैसला लिया है.
आम आदमी पार्टी ने हाल ही में राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता के पद से हटा दिया था और उनके सदन में बोलने पर भी रोक लगा दी थी. उनकी जगह आम आदमी पार्टी ने अशोक मित्तल को राज्यसभा में पार्टी का उपनेता बनाया है. ये भी दिलचस्प है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज ही अशोक मित्तल के जालंधर स्थित घर और उनकी निजी यूनिवर्सिटी में छापेमारी की है.
#BREAKING | पंजाब सरकार ने वापस ली राघव चड्डा की सुरक्षा@romanaisarkhan | @jagwindrpatial https://t.co/smwhXUROiK#AAP #RaghavChadha #Security #PunjabGovernment #ABPNews pic.twitter.com/it0gwo6Gme
— ABP News (@ABPNews) April 15, 2026
मुझे खामोश किया जा सकता है, हराया नहीं: चड्ढा
राघव चड्ढा और आम आदमी पार्टी के बीच काफी समय से सबकुछ सही नहीं चल रहा था, जिसके बाद AAP ने उनसे जिम्मेदारी वापस ले ली थी, लेकिन इसके बाद चड्ढा ने बगावती तेवर अपना लिए और पार्टी की ओर से लगातार लगाए जा रहे आरोपों का एक के बाद एक वीडियो जारी करके जवाब दिया. राघव ने राज्यसभा में बोलने से रोकने पर कहा था कि उन्हें खामोश किया जा सकता है, लेकिन हराया नहीं गया.
AAP की टॉप लीडरशिप को कैसे किया नाराज?
पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद 2022 में राघव चड्ढा को सुरक्षा मुहैया कराई गई थी, जिसके बाद वो लगातार जारी रही. अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे बड़े नेताओं के जेल जाने के बाद जब राघव ने इस पर कोई बात नहीं उठाई तो पार्टी को उनकी चुप्पी खली. हालांकि तब ये कहकर बचाव किया गया था कि वह अपनी आंखों का इलाज कराने के लिए विदेश गए हुए थे. जब केजरीवाल और सिसोदिया जेल से छूटे उसके बाद भी राघव ने कोई उत्साह नहीं दिखाया. राज्यसभा में डिप्टी लीडर के पद से हटाए जाने के बाद इस बात का अंदेशा लगाया जा रहा था कि पंजाब सरकार से मिली उनकी सुरक्षा को वापस ले लिया जाएगा और आज इसका ऐलान कर दिया गया है.
Z सिक्योरिटी में कितने जवान होते हैं तैनात?
राघव चड्ढा को जिस जेड सिक्योरिटी मिलने की चर्चा है, उसमें सरकार द्वारा 22 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाते हैं. इस सुरक्षा घेरे में आमतौर पर 4 से 6 NSG (नेशनल सिक्योरिटी गार्ड) कमांडो होते हैं. साथ ही दिल्ली पुलिस, ITBP या CRPF के जवान और स्थानीय पुलिसकर्मी भी शामिल होते हैं. यह एक उच्च-स्तरीय सुरक्षा कवच है.
यह भी पढ़ें- अरविंद केजरीवाल के करीबी सांसद को बड़ा झटका, सुबह-सुबह घर पहुंच गई ED, भगवंत मान बोले – ‘औकात में रहें’



