Phone Charging Tips: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही हम सभी को रजाई या कंबल के अंदर दुबक कर फोन चलाना काफी पसंद होता है. ठंड के दिनों में लोग घंटों तक बिस्तर में लेटे-लेटे रील्स देखते हैं, गेम खेलते हैं, चैटिंग करते हैं. और जब फोन की बैटरी खत्म होने लगती है तो ज्यादातर लोग आलस के मारे बिस्तर के पास लगे स्विच बोर्ड में चार्जर लगाते हैं और फोन को रजाई के अंदर या तकिए के नीचे रखकर ही चार्ज करने लगते हैं.
कई बार तो लोग वीडियो देखते-देखते सो जाते हैं और फोन पूरी रात भारी रजाई के नीचे चार्जिंग पर ही लगा रह जाता है. सेफ्टी के लिहाज से आपकी यह एक छोटी सी लापरवाही किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है. यह आदत न सिर्फ आपके महंगे स्मार्टफोन को खराब कर रही है. जान लें कितना खतरनाक होता है ऐसे फोन चार्ज करना.
रजाई के अंदर बनता है थर्मल रनअवे का खतरा
जब हम किसी भी स्मार्टफोन को चार्जिंग पर लगाते हैं तो उसके अंदर केमिकल रिएक्शन होता है जिससे फोन और उसकी बैटरी का थोड़ी गर्म होती है. खास तौर पर आजकल के फोन्स में 65W से लेकर 120W तक की सुपरफास्ट चार्जिंग आती है जो कुछ ही मिनटों में काफी ज्यादा गर्मी पैदा करती है. फोन में पंखे नहीं होते बल्कि वह अपनी बॉडी के जरिए इस गर्मी को बाहर की खुली हवा में छोड़ता है. लेकिन जब आप फोन को मोटी रजाई, कंबल या गद्दे के नीचे दबाकर चार्ज करते हैं.
तो हवा का पास होना पूरी तरह रुक जाता है. रजाई का कपड़ा गर्मी को बाहर जाने नहीं देता जिससे फोन से निकलने वाली हीट वहीं अंदर फंस जाती है. टेक्निकल भाषा में जब बैटरी का तापमान एक सेफ्टी लेवल से ऊपर चला जाता है तो उसे थर्मल रनअवे कहा जाता है. ऐसे में लिथियम-आयन बैटरी के अंदर गैस बनने लगती है जिससे बैटरी फूल सकती है और ज्यादा दबाव पड़ने पर धमाके के साथ फट भी सकती है.

मदरबोर्ड, डिस्प्ले और बैटरी हेल्थ पर पड़ता है असर
अगर किस्मत से कोई बड़ा हादसा न भी हो तब भी रजाई के अंदर फोन चार्ज करने की आदत आपके डिवाइस को अंदर से खराब कर देती है. लगातार हाई टेम्परेचर में रहने की वजह से असर फोन की बैटरी हेल्थ पर पड़ता है. जिस फोन की बैटरी आसानी से तीन से चार साल तक साथ दे सकती थी ओवरहीटिंग की वजह से वह एक साल के अंदर ही खराब होने लगती है और आपको बार-बार फोन चार्ज करना पड़ता है.
इसके अलावा ज्यादा गर्मी से फोन के प्रोसेसर और मदरबोर्ड के नाजुक सोल्डरिंग पॉइंट्स कमजोर पड़ जाते हैं जिससे फोन अचानक डेड हो सकता है या बार-बार रीस्टार्ट होने की दिक्कत आ सकती है. इतना ही नहीं अगर आपके फोन में AMOLED या OLED डिस्प्ले लगा है तो लगातार ज्यादा हीट झेलने की वजह से स्क्रीन पर हरी या गुलाबी लाइनें यानी ग्रीन लाइन इश्यू आने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है.

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सर्दियों में ध्यान रखें यह सेफ्टी टिप्स
अपने स्मार्टफोन और खुद को सेफ रखने के लिए चार्जिंग से जुड़े कुछ जरूरी नियमों को हमेशा फॉलो करना चाहिए. सबसे पहली बात यह कि फोन को कभी भी बिस्तर, सोफे, तकिए के नीचे या रजाई के अंदर रखकर चार्ज न करें. चार्जिंग के लिए हमेशा लकड़ी की टेबल,या किसी सख्त और सपाट जगह सिलेक्ट करें. जहां फोन के चारों तरफ हवा का फ्लो बना रहे. अगर आपके फोन में बहुत मोटा बैक कवर लगा है.
तो फास्ट चार्जिंग के दौरान उसे निकाल देना बेहतर होता है जिससे गर्मी आसानी से बाहर निकल सके. इसके अलावा रात को सोते समय फोन को पूरी रात चार्जिंग पर लगाकर छोड़ने से बचें भले ही आज के फोन्स में ऑटो-कट फीचर आता हो. और हमेशा कंपनी के ओरिजिनल और केबल का ही इस्तेमाल करें क्योंकि लोकल चार्जर में वोल्टेज कंट्रोल करने की चिप नहीं होती जो रजाई के अंदर आग लगने का सबसे बड़ी वजह बनती है.
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