Diwali Safety Tips: दिवाली का त्योहार आते ही हर घर में साफ-सफाई और सजावट का काम जोरों पर शुरू हो जाता है. लोग अपने घरों को रंग-बिरंगी LED लड़ियों, फैंसी लैंप और इलेक्ट्रिक दीयों से जगमगाने की पूरी तैयारी करते हैं. लेकिन इस चमक-धमक के बीच हम अक्सर घर की इलेक्ट्रिकल वायरिंग और स्विच बोर्ड की सेफ्टी को नजरअंदाज कर दिया जाता हैं. त्योहार के दिनों में घर का बिजली का लोड इन दिनों सामान्य दिनों के मुकाबले काफी ज्यादा बढ़ जाता है.
ऐसे में अगर आपके घर की पुरानी वायरिंग कमजोर है और किसी स्विच बोर्ड में पहले से कोई फॉल्ट है. तो शॉर्ट सर्किट होने और आग लगने का खतरा पैदा हो सकता है. हर साल दिवाली के मौके पर थोड़ी सी लापरवाही की वजह से कई घरों में बड़े हादसे हो जाते हैं. अगर आप चाहते हैं कि आपकी दिवाली नुकसान के बिना एक दम सुरक्षित तरीके से मने तो लाइट्स लगाने से पहले घर के बिजली कनेक्शन और बोर्ड्स चेक जरूर कर लें.
इस तरीके से करें चेक
सबसे पहले अपने घर के सभी मेन स्विच बोर्ड और पावर सॉकेट्स को बारीकी से चेक करें. अगर किसी स्विच को ऑन-ऑफ करते समय उसमें से हल्की सी भी चिंगारी निकलती है या कट-कट की अजीब आवाज आती है. तो इसे बिल्कुल भी हल्के में न लें. इसके अलावा अगर किसी सॉकेट के आसपास कालापन दिखाई दे रहा है या प्लास्टिक थोड़ा पिघला हुआ लग रहा है. तो यह अंदरूनी लूज वायरिंग और ओवरहीटिंग हो सकती है.
कई बार सफाई के दौरान गीला कपड़ा लग जाने से भी बोर्ड के अंदर नमी चली जाती है, जिससे करंट फैलने का डर रहता है. ऐसे खराब या टूटे हुए स्विच और सॉकेट्स को दिवाली की लाइटिंग करने से पहले तुरंत किसी अच्छे इलेक्ट्रीशियन को बुलाकर बदलवा लें. इसके साथ ही यह भी देखें कि घर का कोई भी बोर्ड दीवार से बाहर न लटक रहा हो और उसके सारे पेंच ठीक से कसे हुए हों जिससे बच्चों का हाथ वहां गलती से भी न पहुंच सके.
सस्ते एक्सटेंशन कॉर्ड से बचें
दिवाली पर सबसे आम गलती जो लगभग हर घर में होती है वह है एक ही स्विच बोर्ड या मल्टी-प्लग में ढेर सारी लाइटों के तार जोड़ देना. लोग अक्सर बालकनी या छत की सारी झालरों का कनेक्शन एक सस्ते से एक्सटेंशन बोर्ड में लगा देते हैं. जब यह सारी लाइटें घंटों तक लगातार जलती हैं, तो तारों में जरूरत से ज्यादा करंट दौड़ने लगता है और ओवरलोडिंग की वजह से एक्सटेंशन बोर्ड के तार पिघलकर आपस में चिपक जाते हैं. इसी से शॉर्ट सर्किट होता है.
एक ही सॉकेट पर ओवरलोडिंग
इस खतरे से बचने के लिए कभी भी एक ही सॉकेट पर पूरा लोड न डालें बल्कि अलग-अलग कमरों के प्लग पॉइंट्स का इस्तेमाल करें. अगर एक्सटेंशन बोर्ड इस्तेमाल करना ही पड़े तो हमेशा ISI मार्क वाला हैवी-ड्यूटी और फ्यूज प्रोटेक्शन वाला कॉर्ड ही खरीदें. इसके अलावा बिना प्लग लगाए सीधे माचिस की तीली की मदद से सॉकेट में नंगे तार फंसाने का जुगाड़ बिल्कुल न करें.
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पुरानी झालरों के कटे तार देखें
पिछले साल की रखी हुई दिवाली लाइट्स को डिब्बे से निकालकर सीधे दीवार पर टांगने की गलती कभी न करें. बंद डिब्बे में रखे-रखे अक्सर तारों का इंसुलेशन खराब हो जाता है या चूहे उन्हें कुतर देते हैं. इसलिए हर लड़ी को लगाने से पहले उसके तारों को हाथ से फिराकर चेक करें कि कहीं से तांबे का तार बाहर तो नहीं दिख रहा है. अगर कहीं कट दिखे तो वहां अच्छी क्वालिटी की पीवीसी इंसुलेशन टेप जरूर लपेटें. लोहे की ग्रिल या गीली दीवारों पर लाइट लगाते समय खास सावधानी बरतें क्योंकि कटे हुए तार से पूरी ग्रिल में करंट आ सकता है.
मेन MCB बॉक्स को जरूर चेक करें
इसके साथ ही अपने घर के मेन डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्स यानी MCB और RCCB को भी टेस्ट कर लें. यह सुनिश्चित करें कि आपके घर की MCB सही से काम कर रही है या नहीं क्योंकि किसी भी फॉल्ट की सिचुएशन में यही एमसीबी तुरंत ट्रिप होकर पूरे घर की बिजली काट देती है और आपको बड़े नुकसान से बचाती है.
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