Home Technology सर्दियों में गीजर चलाने से पहले तुरंत कर लें ये काम, टल...

सर्दियों में गीजर चलाने से पहले तुरंत कर लें ये काम, टल जाएगा बड़ा हादसा

0

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

  • आंतरिक सफाई कराएं, गैस गीजर हवादार जगह पर ही लगाएं।

देश में सर्दियों की आमद होने वाली है. सर्दियों के आते ही घरों में पंखे-कूलर और एसी बंद हो जाते हैं. लेकिन फिर उन उपकरणों का इस्तेमाल होने लगता है जो गर्माहट देते हैं. जिसमें सबसे जरूरी हो जाता है गीजर. सर्दियों के मौसम में ठंडे पानी को हाथ लगाते है करंट सा दौड़ता है. बिना गीजर के नहाना काफी मुश्किल हो जाता है.

लेकिन क्या आपने गौर किया है कि पिछले 6-7 महीनों से बंद पड़ा गीजर अगर बिना चेक किए चालू कर दिया जाए, तो कितना जानलेवा साबित हो सकता है? हर साल ठंड का मौसम शुरू होते ही बाथरूम में करंट फैलने, गीजर का बॉयलर फटने या गैस गीजर के जहरीले धुएं से दम घुटने जैसे हादसे सामने आते हैं. 

ज्यादातर लोग गीजर की बिना सर्विसिंग करवाए उसे सालों-साल चलाते रहना है. यही छोटी सी लापरवाही पूरे परिवार की जान पर भारी पड़ जाती है. अगर आप भी इस सीजन में पहली बार गीजर ऑन करने जा रहे हैं, तो थोड़ा ठहरिए पहले कामों को कर लीजिए. 

Earthing और Power Plug चेक करवाएं

गीजर से जुड़ा सबसे आम हादसा होता है बाथरूम की गीली टाइल्स या बहते पानी में करंट का उतर जाना. कई महीनों तक बंद रहने से गीजर के अंदर पानी की नमी से तारें गल सकती हैं. सबसे पहले यह देखें कि गीजर का प्लग किसी नार्मल 6 या 10 एंपियर के बोर्ड में तो नहीं लगाया गया है. गीजर के लिए हमेशा 16 एंपियर का हैवी-ड्यूटी सॉकेट और मजबूत स्विच ही इस्तेमाल होना चाहिए. 

इसके बाद अपने घर के मेन इलेक्ट्रिकल पैनल में Earthing की जांच जरूर करवाएं. अगर घर की अर्थिंग कटी हुई या कमजोर है तो हीटिंग एलिमेंट से लीक होने वाला करंट सीधे पानी के नल में आ जाएगा. किसी प्रोफेशनल इलेक्ट्रीशियन से बाथरूम सर्किट में RCCB या ELCB लगवाएं जिससे एक मिलीएंपियर करंट लीक होते ही पावर सप्लाई खुद-ब-खुद कट जाए. 

प्रेशर रिलीज वाल्व और Thermostat Test

गीजर में धमाका होने की खबरें अक्सर सुनने को मिलती हैं और इसकी सबसे बड़ी वजह होती है सेफ्टी वाल्व का जाम हो जाना. हर अच्छे गीजर के नीचे एक छोटा सा प्रेशर रिलीज वाल्व जिसे Safety Valve भी कहते हैं दिया होता है. इसका काम होता है कि जब टैंक के अंदर पानी बहुत ज्यादा गर्म हो जाए और भाप का भारी दबाव बने तो यह वाल्व एक्सट्रा प्रेशर को बूंद-बूंद पानी टपकाकर बाहर निकाल दे. गर्मियों के दौरान महीनों बंद रहने पर पानी के खारेपन और जंग की वजह से यह वाल्व अक्सर पूरी तरह चोक हो जाता है. 

अगर वाल्व जाम रहा और गीजर का ऑटो-कट यानी thermostat भी खराब हो गया तो टैंक किसी प्रेशर कुकर की तरह फट सकता है. इसे चेक करने के लिए वाल्व के छोटे लीवर को हल्का सा हिलाकर देखें कि उससे पानी निकल रहा है या नहीं. अगर वह बिल्कुल सख्त या जाम लगे तो नया वाल्व लगवाएं. इसके साथ ही यह भी चेक करें कि पानी गर्म होने पर इंडिकेटर लाइट अपने-आप बंद होती है या नहीं.

यह भी पढ़ें: क्या 24 घंटे Dark Mode रखना सही है? जान लें जवाब

अंदर जमी गंदगी की सर्विसिंग 

सर्दियों की शुरुआत में गीजर को चालू करने से पहले उसकी बेसिक सर्विसिंग और डीप क्लीनिंग करवाना बेहद जरूरी है. भारत के ज्यादातर इलाकों में सप्लाई का पानी खारा होता है. जिससे टैंक के अंदर और हीटिंग रॉड पर सफेद चूने की मोटी परत जम जाती है. यह परत न सिर्फ बिजली का बिल कई गुना बढ़ा देती है बल्कि हीटिंग कॉइल को अंदर से फाड़कर करंट पानी में उतार देती है. 

इसलिए मैकेनिक को बुलाकर टैंक साफ करवाएं और जरूरत पड़ने पर मैग्नीशियम एनोड रॉड बदलवा लें. वहीं आपके बाथरूम में LPG से चलने वाला गैस गीजर लगा है. तो खतरा दोगुना हो जाता है. गैस गीजर को कभी भी छोटे, तंग या बिना खिड़की वाले बाथरूम में नहीं लगाना चाहिए. यह जलते वक्त तेजी से ऑक्सीजन सोखता है और जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस छोड़ता है. जिससे इंसान को बिना भनक लगे दम घुट जाता है. गैस गीजर का इस्तेमाल करते वक्त एग्जॉस्ट फैन ऑन रखें.

यह भी पढ़ें: सोलर की जगह विंड टरबाइन लगाना कितना सही, कितनी बनेगी बिजली?

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version