- सरकार अब फर्जी सिम कार्ड को लेकर बेहद सख्त.
- नए टेलीकॉम कानून में फर्जी सिम पर होगी जेल-जुर्माना.
- दूसरे के नाम पर सिम देना, इस्तेमाल कराना भी जुर्म.
आज के इस डिजिटल दौर में मोबाइल फोन सभी के पास होते हैं. और उसमें सबसे जरूरी चीज होती है सिम कार्ड जो कि बैंक खाते से लेकर सोशल मीडिया अकाउंट तक, हर जगह मोबाइल नंबर की जरूरत पड़ती है. देश में आज भी कई बच्चे अपने माता-पिता के नाम पर सिम चला रहे हैं. क्योंकि सिम खरीदने की लीगल उम्र 18 साल है. लेकिन बहुत से एडल्ट्स भी दूसरों के नाम पर सिम चला रहे हैं. मगर ऐसा करना कानूनन सही नहीं है.
सरकार और टेलीकॉम डिपार्टमेंट अब फर्जी सिम कार्ड और साइबर फ्रॉड को लेकर बेहद सख्त हो गए हैं. हाल ही में दूरसंचार विभाग ने चेतावनी जारी की है कि इस तरह सिम लेना भारी पड़ सकता है. अगर आप भी बिना सोचे-समझे किसी और के कागजों पर सिम चालू करवा लेते हैं या अपनी आईडी किसी अनजान को दे देते हैं तो जान लीजिए ऐसा करने पर कितनी सजा हो सकती है.
दूसरे के नाम पर सिम पर भिजवा सकती है जेल
नए टेलीकम्युनिकेशन एक्ट 2023 के तहत फर्जी तरीके से सिम कार्ड हासिल करना या किसी दूसरे की पहचान चुराकर मोबाइल कनेक्शन लेना एक गंभीर और दंडनीय अपराध मान लिया गया है. अगर कोई व्यक्ति धोखाधड़ी, छलकपट या किसी अन्य की झूठी पहचान का सहारा लेकर सिम कार्ड खरीदता है. तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.
इस तरह के मामलों में पकड़े जाने पर आरोपी को तीन साल तक की जेल की सजा हो सकती है. इतना ही नहीं इसमें सजा के साथ भारी-भरकम आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है. कानून के मुताबिक दोषियों पर 50 लाख रुपये तक का तगड़ा जुर्माना ठोका जा सकता है. जेल और जुर्माने का यह कड़ा प्रावधान इसलिए लाया गया है जिससे लोग पहचान छिपाकर गलत गतिविधियों को अंजाम देने की न सोचें.

मदद करना या बेचना भी जुर्म
इस कानून का दायरा सिर्फ सिम खरीदने वालों के लिए ही नहीं है. बल्कि इसमें कई और पहलू भी शामिल हैं. अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे की आईडी पर सिम लेने में मदद करता है यानी उसका एबेटमेंट करता है या फिर इस तरह की किसी साजिश में शामिल पाया जाता है. तो उसे भी मुख्य आरोपी की तरह ही बराबर सजा भुगतनी होगी. इसके अलावा अपने नाम पर रजिस्टर्ड सिम कार्ड को किसी और को इस्तेमाल करने के लिए दे देना या किराए पर चलाना भी बहुत खतरनाक है.
अगर आपके नाम पर कोई सिम है और उसका इस्तेमाल करके कोई शख्स साइबर अपराध, ठगी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों को अंजाम देता है. तो कानूनी तौर पर आप फंस जाएंगे. पुलिस की जांच में असली सब्सक्राइबर यानी जिसके नाम पर सिम रजिस्टर्ड है. उसी को जिम्मेदार माना जाएगा. इसलिए कभी भी भूलकर अपना सिम कार्ड किसी दोस्त, रिश्तेदार या अनजान शख्स को इस्तेमाल के लिए न दें.

यह भी पढ़ें: लैपटॉप बैटरी जल्दी खत्म? बैकअप बढ़ाने के असरदार तरीके आजमाएं
ऐसे करें खुद का बचाव
साइबर ठगी और फर्जीवाड़े के इस दौर में यह जानना बेहद जरूरी है कि आपके नाम पर कुल कितने सिम कार्ड एक्टिव हैं. कई बार लोगों को पता भी नहीं होता और उनकी आईडी पर कोई दूसरा शख्स फर्जी तरीके से मोबाइल नंबर चला रहा होता है. इस तरह के फ्रॉड से बचने के लिए भारत सरकार के दूरसंचार विभाग ने संचार साथी) पोर्टल और ऐप लॉन्च किया है. आप इस आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आसानी से चेक कर सकते हैं कि आपकी पहचान पर कितने और कौन-कौन से नंबर चल रहे हैं.
अगर लिस्ट में कोई ऐसा नंबर दिखाई देता है जिसे आप नहीं जानते और जिसका इस्तेमाल अब बंद हो चुका है. तो आप तुरंत पोर्टल के जरिए उसकी शिकायत कर सकते हैं और उसे ब्लॉक करवा सकते हैं. सरकार की यह पहल नागरिकों की सुरक्षा के लिए है. इसलिए सतर्क रहें किसी को भी अपने डॉक्यूमेंट्स का गलत इस्तेमाल न करने दें और अपनी डिजिटल पहचान को पूरी तरह सुरक्षित रखें.
यह भी पढ़ें: सर्दियों के लिए बेस्ट हैं ये रूम हीटर, कम बिजली पर देते हैं जबरदस्त राहत



