Apple ने Siri को वॉयस असिस्टेंट से आगे ले जाने की तैयारी कर ली है. कंपनी का नया Siri AI अब यूजर्स की बात समझकर अलग-अलग ऐप्स के अंदर मौजूद जानकारी और फीचर्स के साथ काम कर सकेगा. Apple के मुताबिक, ये सिस्टम 3 लाख से ज्यादा ऐप्स के साथ काम करने की क्षमता रखता है. इससे iPhone इस्तेमाल करने का तरीका काफी बदल सकता है.
सिर्फ कमांड नहीं, काम भी करेगा Siri
आपको बता दें कि पुराने Siri में नॉर्मली अलार्म लगाने, मौसम पूछने या कॉल करने जैसे लिमिटेड काम किए जाते थे. नया Siri AI ज्यादा नैचुरल लैंग्वेज समझने के लिए डिजाइन किया गया है. यानी यूजर को किसी खास कमांड को याद रखने की जरूरत नहीं होगी.
Apple के मुताबिक Siri AI स्क्रीन पर मौजूद जानकारी को समझ सकता है, पर्सनल कॉन्टेक्स्ट के आधार पर जवाब दे सकता है और जरूरत पड़ने पर अलग-अलग ऐप्स में बदलाव भी कर सकता है.
ऐप खोलने की जरूरत होगी कम
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस बदलाव का सबसे बड़ा असर डेली के ऐप इस्तेमाल पर पड़ सकता है. जैसे यूजर Siri से कह सकता है कि किसी मैसेज के आधार पर रिमाइंडर बना दो या किसी फोटो को एडिट करके शेयर कर दो. Siri जरूरत के मुताबिक उस ऐप के फीचर तक खुद पहुंच सकती है.
Apple ने बताया है कि Siri AI Messages, Music, Reminders जैसे ऐप्स में एक्शन या बदलाव भी कर सकती है. बता दें कि कंपनी का गोल है कि यूजर को हर छोटे काम के लिए ऐप खोलकर अलग-अलग स्क्रीन पर जाने की जरूरत न पड़े.
यह भी पढ़ें: 9 सितंबर को लॉन्च हुआ iPhone, 18 सितंबर से क्यों बिकेगा? जानें वजह
3 लाख ऐप्स से जुड़ने का मतलब क्या है?
दरअसल, यहां 3 लाख ऐप्स का मतलब ये नहीं है कि Siri हर ऐप का हर काम अपने आप कर पाएगी. ऐप डेवलपर्स को अपने ऐप के कंटेंट और फीचर्स को Apple Intelligence के लिए उपलब्ध कराने के लिए App Intents और संबंधित स्कीमा का इस्तेमाल करना होगा. Apple के डेवलपर डॉक्यूमेंट के मुताबिक, इससे ऐप के डेटा और एक्शन Siri और Apple Intelligence के लिए खोजने योग्य बनते हैं. यानी धीरे-धीरे ज्यादा ऐप्स Siri के साथ गहराई से जुड़ेंगे और यूजर नैचुरल लैंग्वेज में उनसे जुड़े काम कर सकेगा.
एक ऐप से दूसरे ऐप तक पहुंचेगा AI
बताते चलें कि Siri AI का एक और बड़ा बदलाव है क्रॉस-ऐप काम करना. Apple Intelligence ऐप्स के डेटा और एक्शन को समझकर जरूरत के मुताबिक उन्हें एक साथ इस्तेमाल कर सकता है. जैसे Siri किसी जानकारी को एक ऐप से लेकर दूसरे ऐप में इस्तेमाल करने में मदद कर सकती है.
इससे iPhone केवल ऐप्स का कलेक्शन नहीं बल्कि एक ऐसा सिस्टम बन सकता है जहां यूजर काम बताएगा और Siri उसके लिए जरूरी ऐप्स को पीछे से इस्तेमाल करेगी.
यह भी पढ़ें:
iPhone Duo पर Samsung ने कसा तंज, जानें क्या कहा!



