Home Technology Google का नया Sign-In फीचर! बदल जाएगा Apps में Login का तरीका

Google का नया Sign-In फीचर! बदल जाएगा Apps में Login का तरीका

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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Google ने डेवलपर्स के लिए Android Developers Blog पर नए नियमों के बारे में जानकारी शेयर की है. बता दें कि इन नियमों का मकसद है कि ऐप्स कम मेमोरी इस्तेमाल करने के साथ-साथ फास्ट काम कर सकें जिससे यूजर्स एक्सपीरिएंस और बेहतर हो.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, Google ने डेवलपर्स के लिए Android Developers Blog पर नए नियमों के बारे में जानकारी शेयर की है. बता दें कि इन नियमों का मकसद है कि ऐप्स कम मेमोरी इस्तेमाल करने के साथ-साथ फास्ट काम कर सकें जिससे यूजर्स एक्सपीरिएंस और बेहतर हो.

आपको बता दें कि Google Play Store पर आने वाले ऐप्स के लिए अब मेमोरी इस्तेमाल से जुड़े कुछ नए नियम तय किए जा रहे हैं. कंपनी का मानना है कि कुछ ऐप्स जरूरत से ज्यादा RAM का इस्तेमाल करते हैं जिससे फोन के परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है.

आपको बता दें कि Google Play Store पर आने वाले ऐप्स के लिए अब मेमोरी इस्तेमाल से जुड़े कुछ नए नियम तय किए जा रहे हैं. कंपनी का मानना है कि कुछ ऐप्स जरूरत से ज्यादा RAM का इस्तेमाल करते हैं जिससे फोन के परफॉर्मेंस पर असर पड़ता है.

इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी इन नए नियमों को लागू करने वाली है. बबता दें कि इन नए नियमों में खास तौर पर Dynamic Memory Usage, Bitmap Memory और DEX Code Optimisation को शामिल किया गया है. इससे ये चेक किया जाएगा कि फोन में मौजूद रैम किसी ऐप को किस तरह से इस्तेमाल करती है.

इसी को ध्यान में रखते हुए कंपनी इन नए नियमों को लागू करने वाली है. बबता दें कि इन नए नियमों में खास तौर पर Dynamic Memory Usage, Bitmap Memory और DEX Code Optimisation को शामिल किया गया है. इससे ये चेक किया जाएगा कि फोन में मौजूद रैम किसी ऐप को किस तरह से इस्तेमाल करती है.

इसके अलावा Dynamic Memory Usage के जरिए ये चेक किया जाएगा कि कोई ऐप फोरग्राउंड और बैकग्राउंड में रहते हुए कितनी प्राइवेट मेमोरी इस्तेमाल करता है. अलग-अलग पावर वाले Android डिवाइस के हिसाब से इसके लिए अलग लिमिट तय की जाएगी. बता दें कि इसका मकसद ऐसे ऐप्स को पहचानना है जो बैकग्राउंड में जरूरत से ज्यादा RAM का इस्तेमाल करते हैं.

इसके अलावा Dynamic Memory Usage के जरिए ये चेक किया जाएगा कि कोई ऐप फोरग्राउंड और बैकग्राउंड में रहते हुए कितनी प्राइवेट मेमोरी इस्तेमाल करता है. अलग-अलग पावर वाले Android डिवाइस के हिसाब से इसके लिए अलग लिमिट तय की जाएगी. बता दें कि इसका मकसद ऐसे ऐप्स को पहचानना है जो बैकग्राउंड में जरूरत से ज्यादा RAM का इस्तेमाल करते हैं.

इतना ही नहीं, ऐप्स में फोटोज और ग्राफिक्स के लिए इस्तेमाल होने वाली Bitmap Memory पर भी Google नजर रखेगा. खासतौर पर ये देखा जाएगा कि कोई ऐप बैकग्राउंड या कैश में मौजूद होने के दौरान कितनी मेमोरी खर्च कर रहा है. इसके अलावा Google चाहता है कि डेवलपर्स R8 जैसे टूल्स का इस्तेमाल करके अपने ऐप के कोड को बेहतर तरीके से ऑप्टिमाइज करें.

इतना ही नहीं, ऐप्स में फोटोज और ग्राफिक्स के लिए इस्तेमाल होने वाली Bitmap Memory पर भी Google नजर रखेगा. खासतौर पर ये देखा जाएगा कि कोई ऐप बैकग्राउंड या कैश में मौजूद होने के दौरान कितनी मेमोरी खर्च कर रहा है. इसके अलावा Google चाहता है कि डेवलपर्स R8 जैसे टूल्स का इस्तेमाल करके अपने ऐप के कोड को बेहतर तरीके से ऑप्टिमाइज करें.

Google के मुताबिक फरवरी 2027 से Google Play Store पर मौजूद Android ऐप्स और गेम्स को नए मेमोरी इस्तेमाल, Bitmap Memory और DEX Code Optimisation मानकों को पूरा करना होगा. जो ऐप्स इन नियमों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनकी Google Play पर विजिबिलिटी कम कर दी जाएगी. इसके अलावा ऐसे डेवलपर्स की ऐप पब्लिश करने पर भी रोक लगाया जा सकता है.

Google के मुताबिक फरवरी 2027 से Google Play Store पर मौजूद Android ऐप्स और गेम्स को नए मेमोरी इस्तेमाल, Bitmap Memory और DEX Code Optimisation मानकों को पूरा करना होगा. जो ऐप्स इन नियमों पर खरे नहीं उतरेंगे, उनकी Google Play पर विजिबिलिटी कम कर दी जाएगी. इसके अलावा ऐसे डेवलपर्स की ऐप पब्लिश करने पर भी रोक लगाया जा सकता है.

Published at : 29 Aug 2026 01:09 PM (IST)

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