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Smartwatch Technology : स्मार्ट वॉच को कैसे पता चलता है आपने 5000 कदम चल लिए, जानें टेक्नोलॉजी

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Smartwatch Technology : आजकल स्मार्ट वॉच सिर्फ समय देखने का गैजेट नहीं रह गई है. दिनभर में आपने कितने कदम चले, कितनी दूरी तय की और आपकी एक्टिविटी कैसी रही, इसकी जानकारी भी स्मार्ट वॉच कुछ ही सेकंड में दे देती है. कई बार स्क्रीन पर 5,000 या 10,000 कदम का आंकड़ा देखकर मन में सवाल आता है कि आखिर वॉच को कैसे पता चलता है कि हमने सच में इतने कदम चले हैं. इसके पीछे कई सेंसर और सॉफ्टवेयर मिलकर काम करते हैं. तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि स्मार्ट वॉच को आपने 5000 कदम चल लिए कैसे पता चलता है. 

स्मार्ट वॉच को आपने 5000 कदम चल लिए कैसे पता चलता है?

स्मार्ट वॉच को आपके 5,000 कदम चलने का पता 3-एक्सिस एक्सेलेरोमीटर और दूसरे मोशन सेंसर की मदद से चलता है, एक्सेलेरोमीटर आपकी कलाई की X, Y और Z दिशाओं में होने वाली मूवमेंट को रिकॉर्ड करता है. जब आप चलते हैं, तो मूवमेंट का एक खास पैटर्न बनता है, जिसे स्मार्ट वॉच का सॉफ्टवेयर पहचानकर हर वैध मूवमेंट को एक कदम के रूप में गिनता है. जाइरोस्कोप भी कलाई की दिशा और घूमने की गति को पहचानने में मदद करता है, जिससे सामान्य हाथ हिलाने और चलने के बीच फर्क किया जा सके. इससे सेंसर से मिले डेटा और स्मार्ट एल्गोरिदम की मदद से वॉच पूरे दिन के कदमों को जोड़कर 5,000 का आंकड़ा दिखाती है. 

एक्सेलेरोमीटर करता है सबसे जरूरी काम

स्मार्ट वॉच में स्टेप काउंट करने के लिए सबसे जरूरी सेंसर 3-एक्सिस एक्सेलेरोमीटर होता है. यह सेंसर डिवाइस की X, Y और Z तीनों दिशाओं में होने वाली गति और एक्सीलेरेशन में बदलाव को रिकॉर्ड करता है. जब व्यक्ति चलता या दौड़ता है, तो शरीर और कलाई की गति में एक खास तरह का मूवमेंट दिखाई देता है. एक्सेलेरोमीटर इसी पैटर्न को पहचानने में मदद करता है. पुराने पेडोमीटर में कदम पहचानने के लिए मैकेनिकल स्विच जैसे साधारण तरीके इस्तेमाल होते थे. आज स्मार्ट वॉच में इसके लिए MEMS सेंसर का इस्तेमाल किया जाता है, जो कम जगह और कम पावर में ज्यादा सटीक तरीके से गति को माप सकते हैं. 

डेटा को फिल्टर करके पहचाने जाते हैं कदम

सेंसर लगातार कच्चा डेटा रिकॉर्ड करता है, लेकिन हर मूवमेंट को कदम नहीं माना जा सकता है. इसलिए स्मार्ट वॉच इस डेटा को फिल्टर करती है. इसमें लो-पास, हाई-पास और मूविंग एवरेज जैसे फिल्टर का इस्तेमाल करके बिना जरूरत मूवमेंट और शोर को कम किया जाता है. इसके बाद X, Y और Z तीनों दिशाओं से मिलने वाले डेटा को मिलाकर कुल एक्सीलेरेशन का अंदाजा लगाया जाता है. 

थ्रेशोल्ड पार होने पर काउंट होता है स्टेप

चलने के दौरान एक्सीलेरेशन में एक तय पैटर्न बनता है. स्मार्ट वॉच इस पैटर्न में आने वाले पीक को पहचानती है, जब एक्सीलेरेशन तय किए गए स्टेप थ्रेशोल्ड से ऊपर जाता है और दो कदमों के बीच का समय भी तय सीमा में होता है, तो उसे एक कदम माना जाता है. इस प्रक्रिया में डायनेमिक थ्रेशोल्ड का इस्तेमाल किया जा सकता है, जो सेंसर से मिलने वाले डेटा के आधार पर बदलता रहता है. इससे अलग-अलग गति से चलने पर भी कदम पहचानने में मदद मिलती है. 

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GPS और दूसरे सेंसर भी देते हैं मदद

कुछ स्मार्ट वॉच में GPS का इस्तेमाल मूवमेंट और स्थान को ट्रैक करने के लिए किया जाता है. इससे चलने या दौड़ने की एक्टिविटी की ज्यादा जानकारी मिल सकती है. वहीं कुछ मॉडर्न डिवाइस मशीन लर्निंग और सेंसर फ्यूजन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके अलग-अलग तरह के मूवमेंट को पहचानने की कोशिश करते हैं, हालांकि स्टेप काउंट हमेशा 100 फीसदी सटीक नहीं होता है. हाथ को कम हिलाकर चलने, फोन या वॉच की स्थिति बदलने या दूसरी मूमेंट वाली एक्टिविटी के कारण कुछ कदम कम या ज्यादा गिने जा सकते हैं. सामान्य परिस्थितियों में हाई-एंड डिवाइस करीब 95 फीसदी तक सटीकता दे सकते हैं. 

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