कर्नाटक में फिर से सियासी नाटक शुरू हो गया है. अब वहां सत्ताधारी दल कांग्रेस में बगावत की सुगबुगाहट है. पार्टी में भारी तौर पर असंतोष देखने को मिल रहा है. करीबन 30 विधायकों ने दिल्ली में डेरा डाल लिया है.
बैंगलोर से उठी बगावत दिल्ली तक पहुंच गई है. सभी का एक ही मकसद है कि पार्टी आलाकमान खासकर राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर प्रेशर डालकर जल्द से जल्द कैबिनेट में फेरबदल किया जाए.
विधायकों की मांग, कैबिनेट में फेरबदल के साथ विस्तार हो
न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक, दिल्ली पहुंचे विधायकों का नेतृत्व बेलूर गोपालकृ्ष्ण और अशोक पट्टन कर रहे हैं. उन्होंने कहा है कि उनकी मांग कैबिनेट विस्तार को लेकर है. विधायकों का मानना है कि कर्नाटक सरकार में कई ऐसे मंत्री हैं, जो तीन-चार-या पांच बार इस पद को संभाल चुके हैं. ऐसे में अन्य विधायकों को भी मौका मिलना चाहिए, जिन्हें अबतक मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली है. विधायक बेलूर गोपालकृष्ण के हवाले से जानकारी मिली है कि हम आलाकमान से अनुरोध करने जा रहे हैं, कि जो नेता बार-बार मंत्री बन रहे हैं, उनकी जगह नए चेहरों को मौका दिया जाना चाहिए.
माना जा रहा है कि दिल्ली में डेरा डालना अचानक नहीं है. इसकी योजना मार्च में डिनर पार्टी के दौरान बना ली गई थी. तब सीएम सिद्धारमैया ने कहा था कि दो साल बाद कैबिनेट में बदलाव कर नए लोगों को जगह दी जाएगी. अब तीन साल बीतने के बाद भी कोई ठोस कदम इस दिशा में नहीं उठाया गया है. हाल के उपचुनावों के नतीजे के बाद प्रेशर बनाना जरूरी है.
पार्टी आलाकमान से मिलना चाहते हैं विधायक
विधायकों का यह दल मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, रणदीप सुरजेवाला, केसी वेणुगोपाल से मिलने की कोशिश में है. इनका मानना है कि कैबिनेट में फेरबदल किया जाएगी. करीबन 25 पद पर फेरबदल करने की मांग की गई है.
वहीं इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का भी बयान आया है. उन्होंने कहा है कि मंत्री पद के उम्मीदवारों के नई दिल्ली आने में कुछ भी गलत नहीं है. कैबिनेट में फेरबदल का काम अभी बाकी है. पांच राज्यों में चुनाव और बजट सेशन कैबिनेट में फेरबदल में देरी की वजह हो सकते हैं.
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