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अब इस राज्य में आने वाली है SIR की आंधी, जल्द शुरू होगा सत्यापन, AIMIM ने शुरू की हेल्प डेस्क

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अगर आप तेलंगाना के मतदाता हैं और आपको लगता है कि आपका नाम वोटर लिस्ट में है तो सब ठीक है तो एक बार फिर सोचिए. 1 अप्रैल से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया शुरू होने वाली है जो मई 2026 तक चलेगी. इस प्रक्रिया में हर घर का सत्यापन होगा. मृत व्यक्तियों के नाम हटाए जाएंगे, डुप्लीकेट एंट्री साफ होंगी और नए पात्र मतदाता जोड़े जाएंगे.

सबसे अहम बात यह है कि मतदाताओं को अपना नाम 2002 की मतदाता सूची से जोड़ना होगा जिसे लेगेसी लिंकेज कहा जाता है और यही वह बात है जो लाखों लोगों की नींद उड़ा सकती है. इस चिंता को भांपते हुए एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने हैदराबाद के दारुस्सलाम स्थित पार्टी मुख्यालय में एक विशेष हेल्पडेस्क की स्थापना की है. 

ओवैसी की पार्टी ने शुरू की हेल्प डेस्क 
एआईएमआईएम की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार यह हेल्प डेस्क नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम जांचने, गलत जानकारी सुधारने और नया नाम जोड़ने में मदद करेगी. प्रशिक्षित प्रतिनिधि प्रतिदिन सुबह 10:30 बजे से शाम 4 बजे तक सेवा देंगे. मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 9100043150, 9100043151 और 9100043152 पर सम्पर्क किया जा सकता है.

देश के कई राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया पहले से विवादों में रही है. पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया के दौरान 2002 की सूची से नाम जोड़ने की शर्त ने इतनी घबराहट पैदा की कि कई लोगों ने अपना घर छोड़ दिया और कुछ दुखद मौतें भी हुईं. विपक्षी दलों ने पूरे देश में इस प्रक्रिया का विरोध करते हुए आरोप लगाया है कि यह असली मतदाताओं को सूची से बाहर करने का एक तरीका है.

तेलंगाना में जहां बड़ी संख्या में प्रवासी मज़दूर, बुजुर्ग और पिछड़े वर्ग के लोग हैं जो 2002 की सूची से अपना संबंध साबित करने में मुश्किल महसूस कर सकते हैं वहां यह हेल्पडेस्क एक ज़रूरी कदम है. मुख्य निर्वाचन अधिकारी सी. सुदर्शन रेड्डी पहले ही 50 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को प्रशिक्षण दे चुके हैं लेकिन आम नागरिकों तक यह जानकारी पहुंचाना अभी बड़ी चुनौती है.

अगर आपका नाम सूची में नहीं है या जानकारी गलत है तो 1 अप्रैल से पहले सतर्क हो जाइए. लोकतंत्र में वोट का अधिकार सबसे बड़ा अधिकार है और उसे खोना किसी को भी मंज़ूर नहीं होना चाहिए.

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