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ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमले से भड़का रूस, पुतिन ने ट्रंप-नेतन्याहू को दिया सख्त संदेश!

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ईरान पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमले के बाद दुनिया मान रही है कि यह तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत हो गई है. ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए 7 मुल्कों पर एक साथ हमला करने और अमेरिका के सैन्य बेस तबाह करने का दावा किया है. मिडिल ईस्ट में बने इस तरह के हालात पर रूस ने भी सख्त प्रतिक्रिया दी है.

रूस ने कहा- खतरनाक रास्ते पर चल पड़े हैं अमेरिका और इजरायल

रूस के विदेश मंत्रालय ने बयान में कहा है कि वॉशिंगटन और तेल अवीव एक बार फिर खतरनाक रास्ते पर चल पड़े हैं, जो इस इलाके को तेजी से मानवीय, आर्थिक और शायद रेडियोलॉजिकल तबाही की ओर धकेल रहा है. हमलावरों के इरादे साफ हैं और खुले तौर पर बताए गए हैं. संवैधानिक व्यवस्था को खत्म करना और एक ऐसे देश की लीडरशिप को हटाना जिसे वे गलत मानते हैं क्योंकि उसने ताकत और दबदबे वाले दबाव के आगे झुकने से इनकार कर दिया है.

रूस ने अपने बयान में क्या कहा है?

  • रूस के विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि 28 फरवरी की सुबह अमेरिका और इजरायल की सेना ने ईरान के इलाके में हवाई हमले किए. इस लापरवाही भरे कदम से पहले की गई सैन्य, राजनीतिक और प्रोपेगैंडा की तैयारियों का दायरा और तरीका जिसमें इलाके में बड़ी संख्या में अमेरिका की सेना की तैनाती भी शामिल है. इसमें कोई शक नहीं है कि यह एक आजाद और आजाद UN सदस्य देश के खिलाफ जानबूझकर पहले से सोचा-समझी और बिना उकसावे के हथियारबंद हमला है. यह इंटरनेशनल कानून के बुनियादी सिद्धांतों और नियमों का सीधा उल्लंघन है.
  • रूस ने कहा कि यह खास तौर पर यह इसलिए निंदनीय है कि हमले एक बार फिर नए सिरे से बातचीत की प्रक्रिया की आड़ में किए जा रहे हैं. इसका मकसद इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के आसपास लंबे समय तक हालात को सामान्य बनाना है. यह रूस को दिए गए भरोसे के बावजूद हो रहा है. इस दिए गए भरोसे में कहा गया था कि  इजरायल को ईरान के साथ सैन्य टकराव में शामिल होने में कोई दिलचस्पी नहीं है.
  • मॉस्को ने कहा कि यूएन और IAEA के नेतृत्व समेत अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को इन गैर जिम्मेदाराना कार्यों को तुरंत एक ऑब्जेक्टिव और बिना किसी भेदभाव के सोच विचार करना चाहिए. इनका मकसद मिडिल ईस्ट में शांति, स्थिरता और सुरक्षा को कमजोर करना है. 
  • पुतिन की ओर से कहा गया है कि अमेरिकी प्रशासन की तरफ से लगातार इंटरनेशनल कानून को अनदेखा कर किए सिस्टमैटिक हमलों ने चिंता पैदा की है. हम तनावग्रस्त देशों से राजनीतिक और कूटनीतिक रास्ते पर लौटने की मांग करते हैं. रूस हमेश की तरह इंटरनेशनल कानून, आपसी सम्मान और हितों पर संतुलित विचार के आधार पर शांतिपूर्ण सामाधान की तरफ आगे बढ़ाने में मदद करने के लिए तैयार है. 
  • रूस ने कहा कि ग्लोबल नॉन-प्रोलिफरेशन सिस्टम के लिए इन गलत सोचे गए कामों के गंभीर नतीजों को खुले तौर पर नजरअंदाज किया जा रहा है. US-इजरायल की जोड़ी ईरान को न्यूक्लियर हथियार बनाने से रोकने की तथाकथित चिंता के साथ अपने कामों को छिपाने की कोशिश कर रही है.
  • रूसी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि IAEA सेफगार्ड के तहत चल रही न्यूक्लियर फैसिलिटी पर बमबारी मंजूर नहीं है. हाल के महीनों में US एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा इंटरनेशनल कानूनी व्यवस्था के बुनियादी उसूलों के खिलाफ किए गए लगातार और सिस्टमैटिक हमलों ने खास चिंता पैदा की है. जिन उसूलों का उल्लंघन किया गया है, उनमें अंदरूनी मामलों में दखल न देना,  ताकत के इस्तेमाल या इस्तेमाल की धमकी को छोड़ना, और इंटरनेशनल झगड़ों का शांति से निपटारा करना शामिल है.

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