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सुखोई, राफेल फाइटर जेट के बाद अब LCH प्रचंड में उड़ान भरेंगी राष्ट्रपति, द्रौपदी मुर्मू का बड़ा फैसला 

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सुखोई और राफेल के बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को जैसलमेर में LCG प्रचंड हेलिकॉप्टर में उड़ान भरेंगी. इस दौरान एयर चीफ एपी सिंह भी एक दूसरे हेलिकॉप्टर में उड़ान भरेंगे. रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, शुक्रवार को जैसलमेर में वायुसेना की बड़ी फायर पावर डेमो एक्सरसाइज वायुशक्ति है. उसकी समीक्षा भी राष्ट्रपति करेंगी.  

भारत की राष्ट्रपति ने इससे पहले अंबाला से राफेल फाइटर जेट में उड़ान भरी थी. उस समय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा था कि शक्तिशाली राफेल विमान की पहली उड़ान में मुझमें राष्ट्र की क्षमताओं के प्रति गर्व का भाव और गहरा अनुभव हुआ है.  

भारत के राष्ट्रपति की ऑफिशियल वेबसाइट के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2025 को भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उड़ान भरी थी. वह भारतीय वायुसेना के दो लड़ाकू विमानों में उड़ान भरने वाली पहली राष्ट्रपति हैं. इससे पहले उन्होंने सुखोई 30 एमकेआई में साल 2023 में उड़ान भरी थी. अंबाला का एयरफोर्स स्टेशन वह सेना का स्टेशन है, जहां फ्रांस के डसॉल्ट एविएशन फैसिलिटी से राफेल विमान लाए गए थे. 

भारतीय सशस्त्र बल के सर्वोच्च कमांडर होते हैं राष्ट्रपति

भारत के राष्ट्रपति सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर होते हैं. 2025 में 30 मिनट के भीतर द्रौपदी मुर्मू ने करीबन 200 किमी की दूरी तय की थी. तब विमान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी ने उड़ाया था. विमान ने समुद्र तल से लगभग 15 हजार फीट की उंचाई पर और लगभग 700 किमी प्रति घंटे की गति से उड़ान भरी थी.

उस दौरान राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त नोट भी लिखा. तब इसमें उन्होंने लिखा था कि भारतीय वायु सेना के राफेल विमान में अपनी पहली उड़ान के लिए अंबाला वायु सेना स्टेशन आकर मुझे बहुत प्रसन्नता हो रही है. राफेल में उड़ान भरना मेरा एक अविस्मरणीय अनुभव रहेगा. शक्तिशाली राफेल विमान की पहली उड़ान से मुझमें राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं के प्रति गर्व का भाव और गहरा हुआ है. मैं इस सफल उड़ान के लिए भारतीय वायु सेना और अंबाला वायु सेना स्टेशन के पूरे दल को बधाई देती हूं.

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