Home Business हैदराबाद पुलिस का ऑपरेशन ऑक्टोपस: 16 राज्यों में फैले 127 करोड़ के...

हैदराबाद पुलिस का ऑपरेशन ऑक्टोपस: 16 राज्यों में फैले 127 करोड़ के साइबर घोटाले का भंडाफोड़

0

पुलिस ने साइबर अपराध की दुनिया में एक ऐसा बड़ा खुलासा किया है, जिसने पूरे देश को सकते में डाल दिया है. शुक्रवार को दोपहर में पुलिस आयुक्त कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में पुलिस आयुक्त (CP) विजय कुमार और डीसीपी (साइबर क्राइम्स) वी. अरविंद बाबू ने बताया कि पुलिस ने ‘ऑपरेशन ऑक्टोपस’ के तहत देश के 16 राज्यों में फैले एक विशाल साइबर फ्रॉड सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है. 

इस बड़ी कार्रवाई में पुलिस ने 104 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो लगभग 127 करोड़ रुपये की ठगी से जुड़े हुए हैं. यह घोटाला 1,055 से अधिक प्रकरणों से जुड़ा हुआ है, जो इसके विशाल आकार को दर्शाता है. पुलिस ने इस ऑपरेशन के लिए 32 विशेष टीमें बनाई थीं, जिन्होंने 10 दिनों तक लगातार छापेमारी कर इस गिरोह का सफाया कर दिया.

ठगी में बैंक अधिकारी मास्टरमाइंड

इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस ठगी में एक बैंक अधिकारी की भी भूमिका पाई गई है, जिसने आरोपियों को फर्जी खाते खुलवाने और उन्हें सक्रिय रखने में मदद की. गिरफ्तार किए गए 104 लोगों में 86 ‘म्यूल अकाउंट’ (बैंक खाते जो ठगी के पैसे को ट्रांसफर करने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं) धारक हैं, जबकि 17 लोग ऐसे सप्लायर हैं जो ये खाते उपलब्ध कराते थे.

पुलिस ने बरामद किए 36 लाख समेत 200 से अधिक मोबाइल

पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 36 लाख रुपये नकद, 200 से अधिक मोबाइल फोन, 141 सिम कार्ड, 152 पासबुक और 234 एटीएम कार्ड जब्त किए हैं. यह देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह नेटवर्क कितना व्यापक और संगठित था. पुलिस के अनुसार, ये लोग बेरोजगार युवाओं को छोटे-मोटे लाभ के लालच में अपने बैंक खाते और सिम कार्ड दे देने के लिए प्रेरित करते थे, जिन्हें बाद में साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल किया जाता था.

पिछले कुछ सालों में साइबर ठगी में इजाफा देखने को मिला है

यह कार्रवाई हैदराबाद पुलिस की साइबर अपराध के खिलाफ सख्त मंशा को दर्शाती है. पिछले कुछ सालों में साइबर ठगी के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है, जहां ठगी के पैसे को ‘म्यूल अकाउंट’ के जरिए लॉन्डर किया जाना आम बात हो गई थी. आमतौर पर ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय मिलने में सालों लग जाते हैं, लेकिन हैदराबाद पुलिस ने तकनीकी विशेषज्ञता और जमीनी कार्रवाई के जरिए यह साबित कर दिया है कि अगर नीयत सही हो तो ऐसे अंतरराज्यीय गिरोहों का पर्दाफाश करना मुश्किल नहीं है. इस ऑपरेशन की सफलता इस बात का सबूत है कि पुलिस अब साइबर अपराधियों के ‘सप्लाई चेन’ (आपूर्ति श्रृंखला) को तोड़ने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.’

पुलिस कमिश्नर ने जनता से की अपील

पुलिस कमिश्नर ने जनता से अपील की है कि वे अपने बैंक खातों को किसी और के नाम या किराए पर न दें, क्योंकि ऐसा करना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह साइबर अपराधियों के लिए मददगार साबित होता है. उन्होंने कहा कि बैंक अधिकारियों और टेलीकॉम कंपनियों को भी खाते खोलते समय और सिम कार्ड जारी करते समय सतर्क रहने की जरूरत है. यह गिरफ्तारी सिर्फ एक कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह संदेश है कि हैदराबाद पुलिस साइबर ठगों को बख्शने वाली नहीं है. आने वाले समय में इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है, जो इस नेटवर्क के सूत्रधारों तक पुलिस को पहुंचाएगा.

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version