Home Business 2026 से पहले तमिलनाडु में कांग्रेस की बड़ी दावेदारी, 45 सीटों की...

2026 से पहले तमिलनाडु में कांग्रेस की बड़ी दावेदारी, 45 सीटों की मांग के पीछे क्या है रणनीति?

0

2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले सीट बंटवारे को लेकर सियासत तेज हो गई है. सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस ने गठबंधन में 45 सीटों की मांग एक विस्तृत आंतरिक समीक्षा के आधार पर की है.

2021 में 40 सीटों पर हारी थी DMK

दरअसल, 2021 के विधानसभा चुनाव में डीएमके ने 173 सीटों पर चुनाव लड़ा था. इनमें से 133 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि 40 सीटों पर उसे हार का सामना करना पड़ा. इन हारों में अधिकांश सीटों पर एआईएडीएमके और भाजपा के खिलाफ गई थीं.

20 सीटों पर मजबूत दावेदारी का तर्क

कांग्रेस के अंदरूनी आकलन के मुताबिक, इन 40 हारी हुई सीटों में से कम से कम 20 सीटें ऐसी हैं जहां पार्टी खुद को मजबूत दावेदार मानती है. सूत्रों का कहना है कि इन क्षेत्रों में कांग्रेस की स्थानीय संगठनात्मक पकड़ बेहतर है और सीधे मुकाबले की स्थिति में वोटों का बेहतर ध्रुवीकरण संभव है.

कांग्रेस रणनीतिकारों का क्या मानना?

पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि 45 सीटों की मांग केवल संख्या का सवाल नहीं है, बल्कि “विनेबिलिटी फैक्टर” पर आधारित है. कांग्रेस का तर्क है कि अगर उसे उन सीटों पर मौका दिया जाता है, जहां डीएमके पिछली बार हार चुकी थी, तो गठबंधन की कुल जीत की संभावना बढ़ सकती है.

क्या डीएमके होगी तैयार?

सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस 2026 से पहले गठबंधन के भीतर एक अधिक संतुलित और व्यावहारिक सीट-साझेदारी फॉर्मूले की मांग कर रहा है, ताकि जमीनी हकीकत के आधार पर तालमेल बेहतर हो सके. अब निगाहें इस बात पर हैं कि डीएमके नेतृत्व कांग्रेस की इस मांग पर क्या रुख अपनाता है और आने वाले महीनों में सीट बंटवारे की तस्वीर किस दिशा में आगे बढ़ती है.

इसी साल तमिलनाडु में होंगे विधानसभा चुनाव

बता दें कि इसी साल तमिलनाडु में विधान सभा चुनाव होने हैं. एक ओर डीएमके और कांग्रेस समेत अन्य दल का अलायंस है तो दूसरी ओर AIDMK, भारतीय जनता पार्टी और अन्य पार्टियों का गठबंधन है. हालांकि, चुनाव से पहले ही सत्तारूढ़ डीएमके और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर माथापच्ची देखने को मिल रही है. 

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version