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जमीन का झांसा और करोड़ों का खेल: PACL के अवैध निवेश पर चला ED का हंटर, कुर्क की गईं 247 प्रॉपर्टीज

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देश के लाखों परिवारों की गाढ़ी कमाई से जुड़ा PACL घोटाला एक बार फिर सुर्खियों में है. इस बार मामला और भी बड़ा है. क्योंकि ED ने PACL से जुड़ी 247 संपत्तियों को अटैच कर दिया है..जिनकी कीमत करीब 10021 करोड़ रुपये बताई जा रही है. ये कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून एक्ट के तहत की गई है. पीएसीएल लिमिटेड ने देशभर में लोगों को सपना दिखाया जमीन खरीदो, भविष्य सुरक्षित करो.

गांव से लेकर शहर तक, छोटे दुकानदार, किसान, नौकरीपेशा लोग सबने अपनी जमा पूंजी इस उम्मीद में लगा दी कि उन्हें प्लॉट मिलेगा या मोटा रिटर्न. लोगों से कहा गया कि आज निवेश करो, किस्तों में पैसा दो, कुछ साल बाद जमीन या फायदा मिलेगा. लेकिन जांच एजेंसियों के मुताबिक, हकीकत कुछ और थी. आरोप है कि करीब 48000 करोड़ रुपये लाखों निवेशकों से जुटाए गए..लेकिन ज्यादातर लोगों को ना जमीन मिली और ना पैसा वापस मिला.

क्या है पूरा मामला जिसमें CBI ने दर्ज किया मामला

2014 में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने मामला दर्ज किया. जांच में सामने आया कि ये एक अवैध कलेक्टिव इन्वेस्टमेंट स्कीम थी. CBI ने बाद में 33 आरोपियों जिनमें कई व्यक्ति और कंपनियां शामिल है. उनके खिलाफ चार्जशीट और सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की. जांच के दौरान सामने आया कि ये पूरा निवेश मॉडल अवैध था और लोगों को गुमराह करके पैसा जुटाया गया.

2016 में सुप्रीम कोर्ट ने सेबी को निर्देश दिया कि PACL की जमीन बेचकर निवेशकों को पैसा लौटाया जाए. इसके लिए एक कमेटी बनाई गई. लेकिन इसके बाद भी जमीन की कथित अवैध बिक्री और हेरफेर की खबरें आती रही. ED ने 2016 में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया. इसके बाद लगातार जांच और चार्जशीट दाखिल की गई. अब जो 247 प्रॉपर्टी अटैच की गई है वे पंजाब के मोहाली, जीरकपुर, रूपनगर और SAS नगर में बताई जा रही है. सिर्फ यही नहीं ED अब तक इस केस में करीब 17610 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति अटैच कर चुकी है. जिनमें भारत और विदेश की संपत्तियां भी शामिल है. हजारों निवेशक अपने पैसे की वापसी का इंतजार कर रहे. मामला PMLA की स्पेशल कोर्ट में चल रहा है. ED का कहना है कि जांच जारी है और आगे भी कार्रवाई हो सकती है.

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