Home Business एपस्टीन को लेकर कांग्रेस ने हरदीप पुरी को घेरा तो BJP ने...

एपस्टीन को लेकर कांग्रेस ने हरदीप पुरी को घेरा तो BJP ने कपिल सिब्बल पर लगाया ये आरोप, राहुल गांधी से मांगा जवाब

0

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DOJ) की ओर से घोषित यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवादित फाइलों में नाम सामने आने को लेकर भारत में राजनीतिक हलचल मची हुई है. एपस्टीन फाइलों में केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी का नाम सामने आने के बाद जहां संसद में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस उनसे इस्तीफे की मांग कर रही है. वहीं, अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शनिवार (14 फरवरी, 2026) को इसी मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल पर आरोप लगाते हुए लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी से जवाब मांगा है.

भाजपा ने कपिल सिब्बल को लेकर राहुल गांधी से मांगा जवाब

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया कि साल 2010 में अमेरिका में एक कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस के पूर्व नेता कपिल सिब्बल को यौन अपराधों के दोषी जेफ्री एपस्टीन की ओर से वित्त पोषित एक पुरस्कार मिला था. भाजपा ने कपिल सिब्बल को मिले पुरस्कार के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जवाब की मांग की है.

वहीं, जब इन आरोपों को लेकर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल से सवाल किया गया, तो उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के इस दावे को बकवास करार देते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया.

सिब्बल के साथ सैम पित्रोदा भी भाजपा के निशाने पर

BJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने शनिवार (14 फरवरी, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मामले को लेकर एक पोस्ट शेयर किया. पोस्ट में भंडारी ने कहा, ‘पूर्व केंद्रीय मंत्री रहे कपिल सिब्बल को लंबे समय से गांधी परिवार के बेहद करीबी के तौर पर देखा जाता रहा है. उन्हें यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की ओर से वित्त पोषित एक पुरस्कार 2010 में मिला था.’

कपिल सिब्बल के अलावा भारतीय प्रवक्ता ने कांग्रेस पार्टी की विदेशी इकाई के अध्यक्ष सैम पित्रोदा पर आरोप लगाए हैं. प्रदीप भंडारी ने कहा कि सैम पित्रोदा भी तब उसी गुट से जुड़े हुए थे.

2010 में हुए समारोह में शामिल लोगों की लिस्ट BJP ने की शेयर

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने अपने X पोस्ट में आरोप लगाया कि 2010 में हुए समारोह के कुछ वक्त बाद कांग्रेस के नेतृत्व वाली तत्कालीन केंद्र सरकार ने कई नीतियों में बदलाव किए. राहुल गांधी को इस पर जवाब देना चाहिए कि क्या वे सिर्फ इत्तेफाक था या जेफ्री एपस्टीन ने कांग्रेस सरकार के फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की थी?

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version