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Jammu Kashmir: जम्मू-कश्मीर के उधमपुर एनकाउंटर, सुरक्षाबलों ने दो बड़े आतंकियों को किया ढेर

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भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस (JKP) ने सटीक खुफिया जानकारी के आधार पर संयुक्त ऑपरेशन चलाकर आज बुधवार (4 फरवरी, 2026) को आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के दो आतंकी रूबानी उर्फ अबू माविया और अख्तर चौधरी उर्फ उस्मान निक्कू उर्फ ज़ुबैर को उधमपुर के बसंतगढ़ तहसील के जोफर के जंगल में मार गिराया है. दोनों जैश-ए-मोहम्मद के A++ श्रेणी के आतंकी थे और पिछले 3 साल से जम्मू कश्मीर में एक्टिव थे. मारा गया आतंकी रूबानी उर्फ अबू माविया मई 2023 में भारत में घुसपैठ करके आया था. साथ ही चार आतंकी हमलों में भी शामिल था.

जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के मुल्तान से संबंध रखने वाला आतंकी रूबानी उर्फ अबू माविया को जैश-ए-मोहम्मद ने साल 2018 में अपने मनसेहरा स्थित ट्रेनिंग कैंप में ट्रेन किया था और फिर 2023 में भारत में घुसपैठ करने के लिए भेजा था. घुसपैठ के बाद आतंकी रूबानी उर्फ अबू माविया ने कुछ समय जैश-ए-मोहम्मद के एक और टॉप आतंकी सैफुल्लाह के 5 सदस्यीय ग्रुप के साथ किश्तवाड़ और डोडा में बिताया था, जिसमें उस्मान निक्कू भी शामिल था और फिर 2025 में अबू माविया, उस्मान निक्कू और पिछले महीने कठुआ के बिलावर में मारा गया ज़ुबैर उर्फ अबू उस्मान एक ग्रुप में साथ आ गए और उधमपुर, कठुआ में खुद को स्थापित कर लिया.

3 बार एनकाउंटर के बाद सेना को चकमा देकर भाग गया था अबू माविया

जानकारी के मुताबिक, मारा गया आतंकी अबू माविया 16 फरवरी को बिलावर में हुई 2 मजदूरों की हत्या में भी शामिल था. इसके साथ पिछले साल अबू माविया 3 मौकों पर एनकाउंटर के दौरान सेना को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा था और गोलीबारी में 3 सैनिक शहीद भी हुए थे. अबू माविया के साथ मारा गया दूसरा आतंकी अख्तर चौधरी उर्फ उस्मान निक्कू जम्मू कश्मीर का रहने वाला था और साल 2002 में जैश-ए-मोहम्मद से आतंक की ट्रेनिंग लेने पाकिस्तान गया था, जहां 2024 तक अख्तर चौधरी उर्फ उस्मान निक्कू जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित हेडक्वार्टर में रहा और फिर फरवरी में भारत में वापस घुसपैठ की.

उस्मान निक्कू ने डोडा में की थी सेना के 4 सैनिकों की हत्या

अख्तर चौधरी उर्फ उस्मान निक्कू जुलाई 2024 में डोडा में जैश-ए-मोहम्मद के 5 आतंकियों के ग्रुप में शामिल था, जिसने ऐम्बुश करके कैप्टन बृजेश थापा समेत 4 सैनिकों की हत्या की थी और कैप्टन बृजेश थापा के शव को भी क्षत-विक्षत किया था. लंबे समय से भारतीय सेना, जम्मू कश्मीर पुलिस और खुफिया एजेंसियां इन दोनों आंतकियों को ढूंढ रही थी और कल खुफिया सूचना के आधार पर दोनों को जोफर के जंगल में बनी गुफा पर घेर लिया, जहां दोनों काफी समय से रह रहे थे और फिर आज बुधवार (4 फरवरी) की सुबह एनकाउंटर में मार गिराया.

जैश-ए-मोहम्मद ने जारी किया बयान

दोनों आतंकियों के मरने के बाद जैश-ए-मोहम्मद ने बयान जारी करके स्वीकारा है कि रूबानी उर्फ अबू माविया और चौधरी अख्तर उर्फ उस्मान निक्कू उसके संगठन के साथ जुड़े हुए थे. ऐसे में आज भारतीय सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के ऑपरेशन के बाद जम्मू के क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद की जड़ें कमजोर जरूर हुई है, क्योंकि जहां एक ओर किश्तवाड़ में उसका सैफुल्लाह, फरमान, बाशा का ग्रुप सेना के कॉर्डन में चारों ओर से घिरा हुआ है तो कठुआ-बिलावर-उधमपुर में ऐक्टिव उसका ग्रुप मार दिया गया है. जिसके बाद अब जम्मू कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख और मौलाना मसूद अजहर का गोद लिया हुआ बेटा वली हसन और बिजली भाई उर्फ सादिक ही ऐसे आतंकी बचें हैं, जिनका पता भारत की सुरक्षा और खुफिया एजेंसिया ढूंढने में लगी है.

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