Home Business अनिल अंबानी के खिलाफ ED ने की बड़ी कार्रवाई, 1885 करोड़ रुपये...

अनिल अंबानी के खिलाफ ED ने की बड़ी कार्रवाई, 1885 करोड़ रुपये की संपत्तियों को किया अटैच

0

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अनिल अंबानी ग्रुप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1,885 करोड़ रुपये की संपत्तियां अस्थायी तौर पर अटैच कर ली है. ये कार्रवाई यस बैंक से जुड़े लोन फ्रॉड और रिलायंस कम्युनिकेशंस बैंक फ्रॉड केस में मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत की गई है. ईडी ने इस मामले में चार अलग-अलग प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किए हैं.

ED के मुताबिक, जिन संपत्तियों को अटैच किया गया है, उनमें बैंक में जमा पैसा, कंपनियों में शेयर होल्डिंग, बकाया रकम और अचल संपत्तियां शामिल है. इसमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की हिस्सेदारी भी है, जो BSES यमुना पावर, BSES राजधानी पावर और मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों में निवेश से जुड़ी है.

इसके अलावा वैल्यू कोर्प फाइनैंस एंड सिक्योरिटी लिमिटेड के नाम से मौजूद 148 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस और 143 करोड़ रुपये की रिसीवेबल रकम भी ईडी ने अटैच कर ली है. ED ने अनिल अंबानी ग्रुप के दो सीनियर कर्मचारियों की निजी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की है. इनमें अंगराई सेतुरमन के नाम पर एक रिहायशी मकान और पुनीत गर्ग के नाम पर मौजूद शेयर और म्यूचुअल फंड निवेश शामिल हैं.

ईडी ने कार्रवाई को लेकर क्या कहा?

ED ने कहा कि इससे पहले भी रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस से जुड़े मामलों में 10,117 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्तियां अटैच की जा चुकी है. ताजा कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी ग्रुप की कुल अटैच संपत्ति करीब 12 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गई है.

ईडी की जांच में क्या हुआ खुलासा?

एजेंसी की जांच में सामने आया है कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक ने रिलायंस होम फाइनेंस में करीब 2,965 करोड़ रुपये और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस में 2,045 करोड़ रुपये का निवेश किया था. दिसंबर 2019 तक ये निवेश NPA बन गए. इस दौरान RHFL पर करीब 1,353.50 करोड़ रुपये और RCFL पर 1,984 करोड़ रुपये बकाया रह गया.

ED का कहना है कि यस बैंक ने यह पैसा पहले रिलायंस निप्पॉन म्युचुअल फंड से हासिल किया था. SEBI के नियमों के मुताबिक, रिलायंस निप्पॉन म्यूचुअल फंड सीधे अनिल अंबानी ग्रुप की फाइनेंस कंपनियों में निवेश नहीं कर सकता था. इसी वजह से लोगों को पैसों को यस बैंक के जरिए घुमाकर एक घुमावदार रास्ते से अनिल अंबानी ग्रुप की कंपनियों तक पहुंचाया गया.

CBI की FIR पर ED ने की कार्रवाई

CBI की FIR के आधार पर ED ने इस मामले में अलग से जांच शुरू की है. जांच में पता चला है कि 2010 से 2012 के बीच RCOM और उसकी ग्रुप कंपनियों ने देशी और विदेशी बैंकों से भारी लोन लिया था. जिसमें अब तक 40,185 करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है. 9 बैंकों ने इन खातों को फ्रॉड घोषित कर दिया है.

कहां-कहां पैसों को किया गया निवेश?

ED की जांच में ये भी सामने आया है कि एक बैंक से लिया गया लोन दूसरे बैंक का लोन चुकाने में लगाया गया. इसके अलावा, पैसे को ग्रुप कंपनियों, करीबी लोगों और म्यूचुअल फंड में घुमाया गया. एजेंसी ने कहा कि करीब 13,600 करोड़ रुपये का इस्तेमाल लोन एवरग्रीनिंग में, 12,600 करोड़ रुपये संबंधित कंपनियों को ट्रांसफर करने में और 1,800 करोड़ रुपये FD और म्यूचुअल फंड में निवेश के लिए किया गया.

जांच एजेंसी का कहना है कि कुछ रकम को विदेशों में भी भेजा गया. जबकि बिल डिस्काउंटिंग का भी गलत इस्तेमाल किया गया. ईडी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है.

यह भी पढ़ेंः केरल में PFI जिहादी साजिश मामले में NIA का बड़ा एक्शन, 9 ठिकानों पर एकसाथ छापे, कई सबूत बरामद

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version