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गणतंत्र दिवस पर पाकिस्तान ने LoC पर की कोई गुस्ताखी तो भारत देगा मुंहतोड़ जवाब, गिड़गिड़ाने पर हो जाएगा मजबूर

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भारतीय सेना का ऑपरेशन सिंदूर जारी है और लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर पाकिस्तान की नापाक साजिशें भी लगातार जारी हैं. भारत के 77वें गणतंत्र दिवस से पहले सीमा पर पाकिस्तान की हर साजिश का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने अपनी रणनीति बना ली है, ताकि अगर पाकिस्तान कोई गुस्ताखी करता है तो उसे ऑपरेशन सिंदूर की तरह ही गिड़गिड़ाने पर मजबूर किया जाए.

कमान एंड कंट्रोल सेंटर

जम्मू में पाकिस्तान के साथ लगी लाइन ऑफ कंट्रोल यानी LoC पर भारतीय सेना ने कई कमान एंड कंट्रोल सेंटर बनाए हैं. इन कमांड और कंट्रोल सेंटर का मकसद आधुनिक कैमरों और अन्य उपकरणों से पाकिस्तान की हर साजिश पर नजर रखना है. यहां से भारतीय सेना को न सिर्फ पाकिस्तान की तरफ से हो रही हर गतिविधि की पल-पल की खबर रहती है, बल्कि इसके साथ यहीं से पाकिस्तान से की तरफ से हुई किसी हरकत का जवाब देने के लिए लाइन ऑफ एक्शन भी तुरंत ही बनाया जाता है. यहां के जवान और अधिकारी ऑपरेशन सिंदूर की तर्ज पर ही पाकिस्तान को जवाब देने के लिए सातों दिन और 24 घंटे तैयार रहते हैं. इन कमान और कंट्रोल सेंटर से हमेशा एक ही आवाज गूंजती है- हाउ इज द जोश-हाई सर.

ड्रोन के खतरे से निपटने की तैयारी

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने युद्ध की परिभाषा बदल दी है और पाकिस्तान ड्रोन के जरिए न केवल लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर तैनात भारतीय सेना की टोह ले रहा है, बल्कि ड्रोन का सहारा लेकर आतंकियों की मदद भी कर रहा है. भारतीय सेना ने एलओसी पर पाकिस्तान की ड्रोन वाली साजिश से निपटने के लिए वज्र शार्ट गन अपने भेड़े में शामिल किए है. यह वज्र शॉटगन पाकिस्तान की तरफ से भेजे गए ड्रोन को जाम करने में सक्षम है, जिसे ड्रोन का सॉफ्ट किल भी माना जाता है. इसके साथ, भारतीय सेना ने सीमा पर तैनात जवानों के लिए अपनी जरूरत के हिसाब से ड्रोन बनाने की छूट भी दे दी है. इसका मतलब है कि अब सेना को ऑनग्राउंड जिस तरह के ड्रोन की जरूरत होगी, वह इस तरह का ड्रोन बना सकता है.

एरिया डॉमिनेशन के लिए भारतीय सेना 24 घंटे तैनात

सीमा पर निगरानी के साथ ही लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर भारतीय सेना के जांबाज इन दिनों अपने एरिया को डोमिनेट कर रहे हैं. सीमा पर खराब मौसम, विपरीत भौगोलिक स्थितियां और कड़ाके की ठंड के बावजूद सेना के यह बहादुर दिन और रात अपने इलाके में गश्त कर यह सुनिश्चित करते हैं कि उनके इलाके में दुश्मन किसी तरीके की हरकत ना करें. सीमा पर इन जवानों को कोई भी हरकत देखते ही फायरिंग करने के आदेश भी पहले से ही दे दिए गए हैं. सीमा पर एरिया डोमिनेशन के दौरान भारतीय सेना के ये जवान पाकिस्तान की तरफ से घुसपैठ, ड्रोन से गिराए गए हथियार या गोला बारूद या अपने इलाके में किसी आतंकियों के मददगार की तलाश के लिए यह ऑपरेशन चलाते हैं.

मोर्टार शेलिंग से भारत ने PAK को नाको चने चबवाए थे

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सेना ने अपनी सटीक मोर्टार शेलिंग से पाकिस्तान को नाको चने चबवाए थे. मोर्टार शेलिंग वह हथियार है, जो पाकिस्तान को किसी भी समय घुटने पर ला सकती है. इस शेलिंग की सबसे अहम बात यह है कि भारतीय सेना के जवान आदेश मिलने के एक मिनट में यह शेलिंग करने के लिए तैयार हो जाते है. एक बार दुश्मन की एग्जैक्ट लोकेशन मिलने के बाद यह मोर्टार शैल पांच किलोमीटर के दायरे में दुश्मन के 250 मीटर के इलाके को तबाह व बर्बाद कर सकते हैं.

अलर्ट पर हैं सेना के घातक कमांडो और QRT

भारतीय सेना ने लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर दुश्मन की किसी भी हरकत पर नजर रखने के लिए न सिर्फ आधुनिक उपकरण और कैमरे लगाए हैं, बल्कि एलओसी पर सेना के बंकरों मे तैनात संतरी भी 24 घंटे पाकिस्तान की हर हरकत पर नजर रखते हैं और पाकिस्तान की तरफ से किसी भी संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए ही वह सीमा पर तैनात घातक कमांडो से लैस कोई रिएक्शन टीम्स को सक्रिय कर देते हैं. बख्तर बंद गाड़ियों में आधुनिक और घातक हथियारों से लैस यह कमांडो आदेश मिलने के कुछ ही सेकेंड्स के बाद पाकिस्तान की हर नापाक साजिश का जवाब देने के लिए ग्राउंड जीरो पर पहुंच जाते हैं.

सीमा पर उतरे गए सर्विलांस ड्रोन और रोबोटिक म्यूल

भारत-पाकिस्तान लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) पर इस समय जंगली घास के साथ बड़ी-बड़ी चट्टानें, पत्थर और घनी झाड़ियां पाकिस्तान के घुसपैठियों के लिए संजीवनी बने हुए हैं. पाकिस्तान के घुसपैठिए इन्हीं का सहारा लेकर न केवल भारतीय सुरक्षा बलों पर हमला करने की फिराक में रहते हैं, बल्कि इन प्राकृतिक बनावटों में छुपकर भारतीय सीमा में दाखिल होते हैं. कई बार इन इलाकों में विस्फोटक लगाकर भी पाकिस्तान भारतीय सेना के जवानों को निशाना बनाने की फिराक में रहता है.

पाकिस्तान की साजिश का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने अपने घातक कमांडोज के साथ आधुनिक हथियारों, रोबोटिक म्यूल और सर्विलांस ड्रोन को भी उतारा है. यह रोबोटिक म्यूल घातक कमांडोज के आगे चलकर यह सुनिश्चित करता है कि इलाके में किसी तरीका का कोई विस्फोटक ना लगा हो और इन घनी झाड़ियां और जंगलों में छिपे आतंकियों पर नजर रखने के लिए भारतीय सेना अक्सर सर्विलांस ड्रोन भी उड़ाती है.

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