Home Business महिला अधिकारी को धमकी मामला: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता की FIR...

महिला अधिकारी को धमकी मामला: कर्नाटक हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता की FIR रद्द करने की याचिका खारिज की

0

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गुरुवार (22 जनवरी, 2026) को कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा की ओर से उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी. यह मामला सिदलघट्टा कस्बे में एक बैनर हटाए जाने को लेकर महिला नगर आयुक्त को कथित तौर पर फोन पर अभद्र भाषा और धमकी देने से जुड़ा है.

जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने गुरुवार को यह आदेश पारित किया. आरोपी राजीव गौड़ा ने पिछला विधानसभा चुनाव सिदलघट्टा से लड़ा था और फिलहाल वह फरार बताया जा रहा है. इस बीच, अभियोजन पक्ष ने चिक्कबल्लापुर की द्वितीय अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायालय में गौड़ा की जमानत याचिका पर आपत्ति दर्ज कराई है. शनिवार को अदालत में अंतरिम जमानत के लिए याचिका दायर की गई थी. मंगलवार को भी कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस मामले में राजीव गौड़ा को कड़ी फटकार लगाई थी और सरकार से सवाल किया था कि उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला क्यों दर्ज नहीं किया गया.

एफआईआर रद्द करने की याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पूछा था कि महिला अधिकारी के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने के बावजूद आरोपी पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 71 (महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर यौन अपराध) और धारा 79 (किसी महिला की मर्यादा को ठेस पहुंचाने या उसकी निजता में दखल देने के उद्देश्य से शब्द, ध्वनि, इशारे या वस्तु का प्रयोग) क्यों नहीं लगाई गईं.

बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, ‘क्या याचिकाकर्ता को महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है? कोई व्यक्ति इस तरह की भाषा कैसे बोल सकता है? बोले गए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते. एक बेलगाम जुबान सब कुछ तबाह कर सकती है.’ कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ माफी मांग लेना उस मानसिकता को नहीं बदल सकता, जिसने यह आघात पहुंचाया है. इसके बाद अदालत ने मामले में आदेश सुरक्षित रख लिया था.

इस प्रकरण के बाद कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ने बुधवार को राजीव गौड़ा को पार्टी से निलंबित करने की सिफारिश की. यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया और राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी के लिए भारी शर्मिंदगी का कारण बना.

केपीसीसी की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘इस मामले में राजीव गौड़ा के बयान मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित हुए हैं, जिससे पार्टी और उसके नेतृत्व को गंभीर असहजता हुई है. केपीसीसी अध्यक्ष ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए राजीव गौड़ा (सिदलघट्टा) को पार्टी से निलंबित करने का मामला अनुशासन समिति को सौंपने का निर्देश दिया है.’ बयान में आगे कहा गया कि निर्धारित प्रक्रिया और नियमों के अनुसार मामले की जांच कर तत्काल निलंबन की कार्रवाई की जाए.

 

यह भी पढ़ें:-
आप इतना डर क्यों रहे हैं? I-PAC रेड में जब्त फोन की जांच से ED को रोकने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने पूछा

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version