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कांग्रेस की बड़ी कार्रवाई, सीनियर नेता को पार्टी से निकाला, की थी ये बड़ी गलती

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कर्नाटक में कांग्रेस ने शुक्रवार को पार्टी के सीनियर नेता राजीव गौड़ा को पार्टी से निलंबित कर दिया, जिन्होंने शिदलाघट्टा नगर आयुक्त के खिलाफ अपशब्दों का इस्तेमाल किया था. कांग्रेस नेता के खिलाफ 14 जनवरी को नगर आयुक्त अमृता गौड़ा की शिकायत के बाद एफआईआर दर्ज की गई थी. अमृता गौड़ा ने आरोप लगाया था कि उन्होंने उनकी तस्वीर वाला बैनर हटाने पर फोन पर उन्हें गाली और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी.

कांग्रेस की अनुशासन समिति ने क्या बताया?

आदेश में कांग्रेस राज्य अनुशासन समिति के अध्यक्ष के. रहमान खान ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राजीव गौड़ा को पार्टी से निलंबित कर दिया गया है. घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस उनका पता नहीं लगा पाई है.

KPCC ने की थी संस्पेंशन की सिफारिश

कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) ने बुधवार (21 जनवरी) को नगर आयुक्त को धमकी और गाली देने के मामले में राजीव गौड़ा को निलंबित करने की सिफारिश की थी. इस घटना की वजह से सत्तारूढ़ कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर फजीहत का सामना करना पड़ा. डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने भी कहा था कि अगर कांग्रेस के किसी नेता ने ऐसा कार्य किया है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. 

डीके शिवकुमार के करीबी बताए जाते हैं राजीव गौड़ा
 
राजीव गौड़ा ने पिछले विधानसभा चुनावों में सिदलाघट्टा से कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और वे खाद्य मंत्री केएच मुनियप्पा और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के करीबी बताए जाते हैं.

KPCC चीफ डीके शिवकुमार के निर्देशों के राज्य की अनुशासन समिति ने उन्हें 15 जनवरी, 2026 को एक नोटिस जारी किया था. हालांकि, उन्होंने अभी तक उस नोटिस का जवाब नहीं दिया है. 

प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष (प्रशासन) जी.सी. चंद्रशेखर ने अनुशासन समिति के अध्यक्ष के. रहमान खान को लिखी चिट्ठी में कहा, ‘इस मामले में राजीव गौड़ा द्वारा दिए गए बयान मीडिया में व्यापक रूप से प्रसारित हुए हैं, जिससे पार्टी और उसके नेतृत्व को गंभीर शर्मिंदगी उठानी पड़ी है. केपीसीसी अध्यक्ष ने इस मुद्दे का गंभीरता से संज्ञान लिया है और निर्देश दिया है कि राजीव गौड़ा (सिडलाघट्टा) को पार्टी से निलंबित करने का मामला केपीसीसी अनुशासन समिति को भेजा जाए.’

हाई कोर्ट ने कर्नाटक सरकार को लगाई थी फटकार

गौरतलब है कि कर्नाटक हाई कोर्ट ने मंगलवार को कांग्रेस नेता राजीव गौड़ा को फोन पर एक महिला नगर आयुक्त को धमकी और गाली देने के मामले में फटकार लगाई और सरकार से सवाल किया कि उसने उनके खिलाफ गंभीर आरोप क्यों नहीं लगाए. जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने मामले में राजीव गौड़ा के खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की याचिका पर सुनवाई करते हुए याचिकाकर्ता को फटकार लगाई. राजीव गौड़ा फिलहाल फरार हैं और याचिका उनके वकील के माध्यम से दायर की गई थी.

बेंच ने कहा, ‘क्या याचिकाकर्ता को महिलाओं के प्रति कोई सम्मान नहीं है? याचिकाकर्ता इस तरह से कैसे बोल सकता है? एक बार बोले गए शब्द वापस नहीं लिए जा सकते. एक अनियंत्रित ज़ुबान सब कुछ बर्बाद कर सकती है.’

अदालत ने आगे टिप्पणी की कि माफी मांगने से भी उस मानसिकता में सुधार नहीं आएगा जिसके कारण यह आहत हुई है.

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