अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में बढ़े तनाव के बीच सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ लाल निशान में खुला. इसको लेकर संसद में कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिला. कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार मौजूदा वैश्विक हालात में घरेलू संकट का पूर्वानुमान लगाने और उससे निपटने के लिए जरूरी कदम नहीं उठाए हैं, जबकि कुछ दिन पहले ही पीएम मोदी ने इजरायल का दौरा किया था.
ट्रेड डील को लेकर सरकार पर साधा निशाना
कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने अमेरिका के साथ बीते महीने हुई ट्रेड डील को लेकर भी निशाना साधा और इसे भारत के हितों के खिलाफ बताया. भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील में रूस से तेल नहीं खरीदने की शर्त पर राजी होने को लेकर भी सरकार को आड़े हाथ लिया.
केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर किया पोस्ट
केसी वेणुगोपाल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘विपक्ष के नेता राहुल गांधी जी के नेतृत्व में, इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने खाड़ी युद्ध पर प्रधानमंत्री की चुप्पी के खिलाफ संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया. बढ़ती ऊर्जा लागतों के कारण आम भारतीयों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा.एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि पहले ही देखी जा चुकी है और खाड़ी देशों में फंसे लोग युद्ध क्षेत्र में पूरी तरह से बेबस हैं. भारत को ऐसे नेतृत्व की सख्त जरूरत है जो इस युद्ध के खिलाफ स्पष्ट रुख अपनाए और अपने नागरिकों की सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करे.’
Led by LOP Sh. @RahulGandhi ji, INDIA Bloc MPs protested in the Parliament complex against the Compromised PM’s complete silence on the Gulf War.
Ordinary Indians will suffer due to surging energy costs – already seen with the hike in LPG cylinder rates – and those in the Gulf… pic.twitter.com/ABNPOpOYno
— K C Venugopal (@kcvenugopalmp) March 9, 2026
शेयर मार्केट में बड़ी गिरावट
सोमवार (9 मार्च) को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज सूचकांक, सेंसेक्स, 3 प्रतिशत से ज्यादा (लगभग 2,500 अंक) गिर गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 भी इसी स्थिति में था. विश्लेषकों के अनुसार पिछले छह वर्षों में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई. एचटी की रिपोर्ट के मुताबिक, 28 फरवरी को यूएस-इजरायल के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद BSE की लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल 463.9 लाख करोड़ से घटकर 440 लाख करोड़ से नीचे आ गया. जिसके चलते निवेशकों की संपत्ति में 25 लाख करोड़ का घाटा हुआ है. यह भारत की सालाना जीडीपा का एक-सातवें हिस्से के बराबर है.
बता दें कि पश्चिमी एशिया में करीब 1 करोड़ भारतीय रोजगार के चलते रहते हैं. खाड़ी क्षेत्र भारत का अहम व्यापारिक साझेदार है. जहां से करीब सालाना 200 अरब डॉलर का व्यापार होता है. भारत का ज्यादातर तेल और गैस की आपूर्ति इसी इलाके से होती है, लेकिन युद्ध के चलते कच्चे तेल की बढ़ती कीमत भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर डाल रही हैं. सोमवार तक ब्रेंट क्रूड की कीमत 20 प्रतिशत बढ़कर 120 डॉलर प्रति बैरल से अधिक हो गई है.



