Wednesday, February 18, 2026
spot_img
HomeBusinessहाईकोर्ट ने कलेक्टर को सुनाई 6 माह जेल की सजा, जानें कोर्ट...

हाईकोर्ट ने कलेक्टर को सुनाई 6 माह जेल की सजा, जानें कोर्ट ने अपने फैसले में क्या कहा

तेलंगाना हाईकोर्ट ने 17 फरवरी को मेदक जिले के कलेक्टर राहुल राज को कोर्ट की अवमानना के मामले में 6 महीने की साधारण जेल और 2 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जस्टिस के. लक्ष्मण ने सुनवाई के दौरान यह सजा सुनाई, लेकिन अपील का मौका देते हुए सजा को चार हफ्ते के लिए स्थगित कर दिया. 

यह फैसला एक भूमि विवाद से जुड़े मामले में आया, जहां कलेक्टर ने हाईकोर्ट के जून 2024 के आदेशों को जानबूझकर नहीं माना. बोनाल गांव की निवासी नल्लावेली लक्ष्मी नाम की 51 वर्षीय महिला ने यह मामला उठाया था. लक्ष्मी ने दावा किया कि उनके दादा से विरासत में मिली 2.22 एकड़ जमीन का म्यूटेशन उनके नाम पर नहीं किया गया. उन्होंने पहले कलेक्टर के फैसले को चुनौती दी तो हाईकोर्ट ने जनवरी 2024 के आदेश को रद्द कर दिया और नई जांच के आदेश दिए.

क्या है पूरा मामला
कोर्ट ने साफ कहा था कि दोनों पक्षों को नोटिस जारी करें और उनकी आपत्तियां सुनें और फिर पारदर्शी तरीके से फैसला लें, लेकिन दिसंबर 2024 में कलेक्टर ने फिर से लक्ष्मी का दावा खारिज कर दिया. कोर्ट ने रिकॉर्ड देखा तो पाया कि लक्ष्मी को कोई नोटिस नहीं मिला, न ही सुनवाई का मौका दिया गया. व्हाट्सएप पर नोटिस भेजने का दावा किया गया, लेकिन कोई सबूत नहीं था. इससे महिला को दोबारा कोर्ट का चक्कर लगाना पड़ा.

यह विवाद चेगुंटा मंडल के बोनाल गांव से जुड़ा है. लक्ष्मी ने कलेक्टर की अवमानना पर याचिका दाखिल की, जिसमें कहा गया कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों को नजरअंदाज किया गया. कोर्ट ने इसे जानबूझकर अवहेलना माना और सजा सुनाई. जस्टिस लक्ष्मण ने टिप्पणी की कि एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी का ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है, खासकर जब एक गरीब महिला को बार-बार न्याय के लिए दरवाजे खटखटाने पड़ रहे हों. सजा के साथ कोर्ट ने कलेक्टर को चार हफ्ते में अपील दाखिल करने का मौका दिया.

पूरे राज्य में चर्चा का विषय
पिछले कुछ सालों में तेलंगाना में भूमि विवादों में कोर्ट के आदेशों की अवहेलना के मामले सामने आए हैं, लेकिन किसी वरिष्ठ अधिकारी को ऐसी सजा मिलना दुर्लभ है. राहुल राज 2015 बैच के आईएएस अधिकारी हैं और मेदक जिले में प्रशासनिक कामकाज संभाल रहे थे. अब देखना यह है कि अपील में क्या होता है, लेकिन फिलहाल यह खबर पूरे राज्य में चर्चा का विषय बनी हुई है.

ये भी पढ़ें 

एपस्टीन फाइल्स का नाम लेकर साधा निशाना, किरेन रिजिजू ने क्यों दी राहुल गांधी को चेतावनी?

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments