तेलंगाना विधानसभा अध्यक्ष ने जगित्याल के विधायक संजय कुमार को बड़ी राहत देते हुए उन्हें दलबदल प्रकरण में ‘क्लीन चिट’ दी. विपक्षी नेता जगदीश रेड्डी द्वारा संजय पर अयोग्यता का आरोप लगाते हुए दायर की गई याचिका को स्पीकर ने खारिज कर दिया है.
अपने फैसले में स्पीकर ने साफ कहा है कि विधायक द्वारा पार्टी बदलने के कोई ठोस और कानूनी सबूत पेश नहीं किए गए हैं, जिस कारण उन पर अयोग्यता का प्रहार न्यायोचित नहीं होगा. बता दें कि यह मामला पिछले काफी समय से चर्चा में था, जब जगदीश रेड्डी ने आरोप लगाया था कि संजय कुमार ने जनता के विश्वास को तोड़ते हुए दल बदल लिया है और विधानसभा की सदस्यता खोने के योग्य हैं.
नहीं मिले ठोस साक्ष्य
दसवीं अनुसूची के तहत दायर इस याचिका पर लंबी सुनवाई और दस्तावेजों की जांच के बाद स्पीकर ने अंतिम फैसला सुनाया. स्पीकर के चेंबर से निकलते समय यह खबर सामने आई कि विधायक के खिलाफ लगाए गए आरोपों में पेश करने लायक कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल पाए हैं.
जगदीश रेड्डी खेमे के लिए बड़ा झटका
सूत्रों के अनुसार, स्पीकर ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि मात्र आरोपों के आधार पर किसी जनप्रतिनिधि को अयोग्य घोषित नहीं किया जा सकता. यह फैसला उन सभी विधायकों के लिए भी एक संदेश है जो इसी तरह के राजनीतिक संकट में हैं. दूसरी ओर, जगदीश रेड्डी के खेमे में यह फैसला एक बड़ा झटका माना जा रहा है. विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले से राज्य की राजनीति में अयोग्यता की राजनीति पर भी ब्रेक लग सकता है.
संजय कुमार को मिली इस जीत ने उनकी राजनीतिक स्थिति को मजबूत कर दिया है और अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या विपक्ष इस फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाता है या इसे स्वीकार करता है. फिलहाल स्पीकर के इस फैसले ने विधानसभा में एक नई बहस को जन्म दे दिया है.
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