Friday, February 13, 2026
spot_img
HomeBusinessUGC के नए नियम का BHU में छात्रों ने किया विरोध, केंद्र...

UGC के नए नियम का BHU में छात्रों ने किया विरोध, केंद्र सरकार की नीतियों पर भी उठाए सवाल

Show Quick Read

Key points generated by AI, verified by newsroom

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए नियम प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टिट्यूशन रेगुलेशन, 2026 को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सिर्फ किसी एक कॉलेज और यूनिवर्सिटी के कैंपस तक सीमित नहीं रहा है. छात्रों और शिक्षकों के विरोध के बाद अब यह मुद्दा प्रशासन और राजनीति में भी चर्चा का विषय बन गया है. इसी मामले पर उत्तर प्रदेश के वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रों ने बातचीत में विरोध जताया है.

मामले के विरोध में एक छात्र ने दाखिल की PIL

अलग-अलग वर्ग के छात्रों ने इस बात पर सहमति जताई कि अगर समानता की बात होती है तो सभी छात्रों के हित को ध्यान में रखना चाहिए, क्योंकि विश्वविद्यालय शिक्षण संस्थान में कोई भी व्यक्ति पहले छात्र होता है. चर्चा के बीच मौजूद शोध छात्र मृत्युंजय तिवारी की ओर से इस मामले में PIL दाखिल की गई है, जिसे न्यायालय की ओर से स्वीकृत कर लिया गया है.

BHU छात्रों ने चर्चा के दौरान इस नए नियम को लेकर नाराजगी जताई और केंद्र सरकार की नीतियों पर भी सवाल खड़ा किया है. दर्जन भर की संख्या में BHU छात्रों ने UGC गाइडलाइन को लेकर अपनी बातें रखी.

क्या है UGC के नए इक्विटी नियम?

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने 15 जनवरी, 2026 से देशभर के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इक्विटी इन हायर एजुकेशन रेगुलेशंस, 2026 नियम को लागू कर दिया है. इस नियम को मुख्य उद्देश्य देश भर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में होने वाले जातिगत भेदभाव को रोकना और सभी छात्रों और कर्मचारियों को एक समान मौका देना बताया गया है.

नए नियम के तहत प्रत्येक हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूट को एक समान अवसर केंद्र बनाना होगा. इंस्टीट्यूट में भेदभाव से जुड़ी शिकायतों के निपटारे के लिए विशेष समितियां गठित करनी होगी और 24 घंटे की हेल्पलाइन सेवा भी शुरू करनी होगी. इसके अलावा, नियम के मुताबिक, एक तय समयसीमा में दाखिल की गई शिकायतों पर कार्रवाई भी करनी होगी. इस नियम का सबसे अहम विशेषता यह है कि अब अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) के साथ-साथ अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को भी जातिगत भेदभाव की परिभाषा में शामिल किया गया है.

UGC के नए नियम का क्यों हो रहा विरोध?

इस नियम के लागू होते ही देश के कई हिस्सों में सवर्ण जातियों से जुड़े संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है. छात्रों और शिक्षकों का कहना है कि यह नियम सभी वर्गों के लिए संतुलित नहीं है और इसका गलत इस्तेमाल किया जा सकता है. इस नियम को लेकर सबसे बड़ा डर यह है कि झूठे भेदभाव के आरोप लगाकर छात्रों और शिक्षकों को फंसाया भी जा सकता है.

यह भी पढ़ेंः India Energy Week 2026: गोवा में भारत की ‘हाइड्रोजन शक्ति’ का प्रदर्शन, लो-कार्बन भविष्य की ओर कैसे बढ़ रहा देश, जानें सब कुछ

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments