Thursday, February 12, 2026
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Indigo Crisis: इंडिगो क्राइसिस के बाद सरकार का कड़ा पहरा, DGCA की सख्ती से लाइन पर आई एयरलाइन

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दिसंबर 2025 में इंडिगो एयरलाइंस की उड़ानों में मची अव्यवस्था और यात्रियों को हुई भारी परेशानी के बाद सरकार और विमानन नियामक (DGCA) ने एयरलाइन पर कड़ी निगरानी रखी है. नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA की सख्ती के बाद अब इंडिगो ने दावा किया है कि हालात पूरी तरह काबू में हैं और पायलटों की कोई कमी नहीं है.

सरकार की समीक्षा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिसंबर में इंडिगो का ऑपरेशनल सिस्टम दबाव में आ गया था. रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन अपनी क्षमता से ज्यादा उड़ानें संचालित करने की कोशिश कर रही थी.

क्षमता से ज्यादा उड़ानें संचालित करने की कोशिश में हुई गड़बड़ी

क्रू और विमानों के अधिकतम इस्तेमाल पर जोर देने के चलते रोस्टर में जरूरी बफर नहीं रखा गया और पायलटों को ड्यूटी टाइम लिमिट (FDTL) की आखिरी सीमा तक काम करना पड़ा. इससे थकान बढ़ी और सिस्टम की स्थिरता पर असर पड़ा. सॉफ्टवेयर सपोर्ट और मैनेजमेंट स्ट्रक्चर भी उस समय के दबाव को संभालने में नाकाम रहे.

ऐसे में यात्रियों के हित में DGCA ने 6 से 30 दिसंबर, 2025 के बीच अपने फ्लाइट ऑपरेशंस इंस्पेक्टर (FOIs) सीधे इंडिगो के ऑपरेशन कंट्रोल सेंटर (OCC) और प्रमुख एयरपोर्ट्स पर तैनात किए. इन अधिकारियों ने रोजाना उड़ानों, क्रू की उपलब्धता, छुट्टियों और सिस्टम परफॉर्मेंस की निगरानी की और एयरलाइन से दैनिक, साप्ताहिक व पखवाड़े की रिपोर्ट तलब की गई.

DGCA के साथ बैठक में इंडिगो ने बताए आंकड़े

अब इंडिगो का कहना है कि स्थिति सामान्य हो चुकी है. DGCA के साथ सोमवार (19 जनवरी, 2026) को हुई समीक्षा बैठक में एयरलाइन ने भरोसा दिलाया कि 10 फरवरी, 2026 के बाद बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन नहीं होंगे. इंडिगो ने आंकड़ों के साथ बताया कि उसके पास जरूरत से ज्यादा पायलट उपलब्ध हैं.

DGCA को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार, 10 फरवरी, 2026 के लिए एयरबस कैप्टन (PIC) की जरूरत 2,280 है, जबकि उपलब्ध संख्या 2,400 है. वहीं, एयरबस फर्स्ट ऑफिसर की आवश्यकता 2,050 है और मौजूद पायलटों की संख्या 2,240 बताई गई है. यानी दोनों ही श्रेणियों में पायलटों की संख्या जरूरत से अधिक है.

इंडिगो ने इसे ऑपरेशनल स्थिरता का आधार बताते हुए कहा है कि नए FDTL नियमों के तहत भी उड़ान संचालन सुचारु रहेगा. हालांकि, DGCA ने साफ किया है कि यात्रियों की सुरक्षा और नियमों के सख्त पालन को सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन की निगरानी आगे भी जारी रहेगी.

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