गणतंत्र दिवस के अवसर पर होने वाले भव्य एयर शो और फ्लाईपास्ट को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने एक अनोखी लेकिन बेहद अहम योजना पर काम शुरू किया है. राजधानी में 26 जनवरी से पहले लगातार सात दिनों तक चीलों के लिए विशेष रूप से ‘चिकन पार्टी’ आयोजित की जाएगी. इसका मुख्य उद्देश्य विमानों को बर्ड स्ट्राइक यानी पक्षियों से टकराने के खतरे से बचाना है.
हर साल 26 जनवरी को भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर और अन्य एयरक्राफ्ट दिल्ली के आसमान में शानदार फ्लाईपास्ट करते हैं. इस दौरान यदि कोई पक्षी विमान से टकरा जाए, तो बड़ा हादसा हो सकता है. इसी संभावित खतरे को देखते हुए दिल्ली सरकार ने पहले से ही विस्तृत और सावधानीपूर्वक तैयारी शुरू कर दी है.
15 से 26 जनवरी तक चलेगी योजना
सरकारी योजना के तहत 15 जनवरी से 26 जनवरी तक, यानी करीब एक सप्ताह से अधिक समय तक, दिल्ली के 20 चिन्हित स्थानों पर चीलों को बोनलेस चिकन खिलाया जाएगा. इसके लिए कुल 1,275 किलोग्राम बोनलेस चिकन की व्यवस्था की गई है. अधिकारियों के अनुसार, जब चीलों को तय स्थानों पर पर्याप्त भोजन मिलेगा, तो वे विमान उड़ान मार्ग यानी एयर कॉरिडोर के आसपास नहीं आएंगी.
एयर कॉरिडोर से दूर रखी जाएंगी चीलें
सरल शब्दों में कहें तो चीलों को जानबूझकर ऐसे इलाकों में भोजन दिया जाएगा, जो एयर शो के रास्तों से दूर हैं. इससे चीलें उन्हीं क्षेत्रों में मंडराती रहेंगी और आसमान में उड़ रहे विमानों के करीब जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इस रणनीति से गणतंत्र दिवस का फ्लाईपास्ट बिना किसी बाधा और खतरे के संपन्न हो सकेगा.
पहले भी अपनाए जा चुके हैं ऐसे उपाय
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह की व्यवस्था की जा रही हो. देश और दुनिया के कई बड़े शहरों में एयरपोर्ट और विशेष आयोजनों के दौरान बर्ड स्ट्राइक रोकने के लिए ऐसे उपाय अपनाए जाते हैं. कहीं आवाज पैदा करने वाले उपकरण लगाए जाते हैं, तो कहीं पक्षियों के भोजन और आवाजाही को नियंत्रित किया जाता है. दिल्ली में भी पहले गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस से पहले इस तरह की योजनाएं बनाई जाती रही हैं.
सुरक्षा से कोई समझौता नहीं
दिल्ली सरकार और संबंधित विभागों का कहना है कि यात्रियों, पायलटों और देश की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता. इसलिए हर छोटा-बड़ा कदम पूरी सोच-समझ के साथ उठाया जा रहा है. चीलों की यह ‘चिकन पार्टी’ भले ही सुनने में अजीब लगे, लेकिन इसके पीछे उद्देश्य बेहद गंभीर और जरूरी है—देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय पर्व पर होने वाले एयर शो को पूरी तरह सुरक्षित बनाना.
जैसे-जैसे गणतंत्र दिवस नजदीक आ रहा है, दिल्ली में सुरक्षा और तैयारियों का स्तर और भी बढ़ा दिया गया है. सड़कों से लेकर आसमान तक कड़ी निगरानी रखी जा रही है, ताकि 26 जनवरी का राष्ट्रीय समारोह शांति, गर्व और पूरी सुरक्षा के साथ संपन्न हो सके.



