मकर संक्रांति के त्यौहार के कारण घर लौट रहे यात्रियों के लिए बीती रात किसी भयावह सपने से कम नहीं थी. हैदराबाद से कुरनूल जा रही कोल्हापुर डिपो की एक आरटीसी (RTC) बस मंगलवार-बुधवार की दरमियानी रात नेशनल हाईवे 44 पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई. महबूबनगर जिले के जडचेरला मंडल अंतर्गत माचारम के पास हुए इस हादसे में बस के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार 53 यात्रियों में से 27 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया और चालक स्टीयरिंग के बीच घंटों फंसा रहा.
जानकारी के अनुसार, त्यौहार के कारण बस यात्रियों से खचाखच भरी हुई थी. आधी रात के समय जब बस माचारम के पास पहुंची, तभी आगे चल रही एक डीसीएम (DCM) वैन ने अचानक आपातकालीन ब्रेक लगा दिए. रफ्तार तेज होने के कारण बस चालक नियंत्रण नहीं रख सका और बस सीधे वैन के पिछले हिस्से में जा घुसी. टक्कर लगते ही बस के भीतर सो रहे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई.
राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी
स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद जडचेरला पुलिस और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं. बचाव दल को बस के क्षतिग्रस्त हिस्से को काटकर ड्राइवर को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी. सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका उपचार जारी है.घटना की सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी एन.बी. रत्नम ने घटनास्थल का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने पुष्टि की कि हादसे के समय बस में कुल 53 यात्री सवार थे.
कैमरों के फुटेज से हादसे का पता चला
मामले पर एडिशनल एसपी एन.बी. रत्नम ने कहा कि शुरुआती जांच और घटनास्थल के पास लगे सीसी (CC) कैमरों के फुटेज से पता चलता है कि बस चालक की लापरवाही और अत्यधिक गति इस हादसे का मुख्य कारण थी. गनीमत यह रही कि इस भीषण टक्कर के बावजूद अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. सभी 27 घायलों की हालत स्थिर है और वे खतरे से बाहर हैं.
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