Apple ने iPhone 18 Pro Max को लेकर एक दिलचस्प बदलाव किया है. फोन भारत में भी बनाया जा रहा है लेकिन अमेरिका में बिकने वाले मॉडल में एक अहम हार्डवेयर अंतर है. ये अंतर फोन के नेटवर्क कनेक्टिविटी सिस्टम से जुड़ा है और विदेश से iPhone खरीदने वालों के लिए जानना जरूरी है.
भारत में बन रहा iPhone 18 Pro Max
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, Apple अब भारत को iPhone की मैन्युफैक्चरिंग के लिए लगातार अहम बना रहा है. iPhone 18 Pro Max की ग्लोबल बिक्री के साथ भारत में भी इसका प्रोडक्शन किया जा रहा है.
हालांकि, एक ही मॉडल नाम होने के बावजूद अलग-अलग मार्केटों के लिए फोन के अंदर इस्तेमाल होने वाला हार्डवेयर पूरी तरह एक जैसा नहीं है. भारत में मिलने वाले iPhone 18 Pro Max में Apple का नया C2 मॉडेम दिया गया है. ये Apple का लेटेस्ट सेलुलर मॉडेम है जिसे कंपनी ने बेहतर नेटवर्क परफॉर्मेंस और पावर एफिशिएंसी के लिए तैयार किया है.
अमेरिकी मॉडल में Qualcomm मॉडेम
आपको बता दें कि सबसे बड़ा अंतर अमेरिकी iPhone 18 Pro Max में देखने को मिलता है. Apple की टेक्निकल जानकारी के अनुसार, iPhone 18 Pro Max में C2 मॉडेम दुनिया के ज्यादातर बाजारों में इस्तेमाल किया गया है लेकिन अमेरिका में बिकने वाले Pro Max मॉडल में C2 की जगह Qualcomm का मॉडेम लगाया गया है.
अभी Apple ने ये साफ नहीं किया है कि अमेरिकी मॉडल में Qualcomm के किस खास मॉडेम का इस्तेमाल हुआ है. हालांकि, रिपोर्ट्स में Qualcomm Snapdragon X85 को संभावित विकल्प बताया जा रहा है. इसका मतलब है कि अमेरिका और भारत में बिकने वाले iPhone 18 Pro Max के अंदर नेटवर्क से जुड़ा हार्डवेयर अलग हो सकता है.
आखिर अमेरिका में क्यों बदला मॉडेम?
इस बदलाव की ऑफिशियल वजह Apple ने नहीं बताई है. एक संभावित कारण Qualcomm के साथ पुराने सप्लाई समझौते को माना जा रहा है. Qualcomm ने पहले Apple को 2026 तक स्मार्टफोन मॉडेम उपलब्ध कराने की जानकारी दी थी.
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दिलचस्प बात ये है कि Apple अब धीरे-धीरे अपने खुद के C-Series मॉडेम पर निर्भरता बढ़ा रहा है. iPhone 18 Pro में C2 मॉडेम दुनियाभर में दिया गया है जबकि Pro Max के अमेरिकी वेरिएंट में Qualcomm वाला ऑप्शन रखा गया है.
SIM को लेकर भी बड़ा अंतर
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मॉडेम के अलावा अमेरिका और भारत के मॉडल में SIM को लेकर भी मार्केट बेस्ड अंतर है. भारत में iPhone 18 Pro Max nano-SIM और eSIM दोनों को सपोर्ट करता है.
वहीं अमेरिकी मॉडल पूरी तरह eSIM-only है और इसमें फिजिकल SIM कार्ड नहीं लगाया जा सकता. Apple ने अमेरिका समेत कुछ देशों में इसी व्यवस्था को अपनाया है.
यानी अगर आप विदेश से iPhone 18 Pro Max खरीदने की सोच रहे हैं तो केवल कीमत देखकर फैसला न करें. मॉडल नंबर, SIM सपोर्ट और मॉडेम वेरिएंट जरूर चेक करें.
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