पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (TMC) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है. टीएमसी की राज्यसभा सांसद मौसम नूर ने शनिवार (3 जनवरी, 2026) को कांग्रेस का दामन फिर से थाम लिया है. यह घटनाक्रम ऐसे वक्त पर सामने आया है जब राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज होती जा रही हैं.
मौसम नूर की कांग्रेस में वापसी को घर वापसी के तौर पर देखा जा रहा है. उल्लेखनीय है कि टीएमसी सांसद मौसम नूर पहले कांग्रेस पार्टी की ही सदस्य थीं और बाद में वह तृणमूल कांग्रेस (TMC) में शामिल हुई थीं. वे मालदा के प्रभावशाली खान चौधरी परिवार से ताल्लुक रखती हैं. जिसका उत्तर बंगाल की राजनीति में खासा असर माना जाता है.
राज्यसभा से इस्तीफा देंगी मौसम नूर
TMC सांसद मौसम नूर अगले सोमवार (5 जनवरी, 2026) को राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा देंगी. उनका राज्यसभा कार्यकाल वैसे भी अप्रैल में समाप्त हो रहा है. इसके साथ ही, आगामी विधानसभा चुनाव में उनके मालदा से चुनाव लड़ने की संभावना जताई जा रही है. 46 वर्षीय मौसम नूर इससे पहले 2009 से 2019 तक कांग्रेस के टिकट पर मालदा से दो बार लोकसभा सांसद रह चुकी हैं.
कांग्रेस मुख्यालय में मौसम नूर ने ग्रहण की सदस्यता
मौसम ने दिल्ली के कांग्रेस मुख्यालय में औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की. इस मौके पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश, AICC महासचिव गुलाम अहमद मीर और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष शुभंकर सरकार मौजूद रहे. कांग्रेस नेताओं ने इसे पश्चिम बंगाल में पार्टी के संगठन को मजबूती देने की दिशा में एक अहम कदम बताया.
मौसम नूर की वापसी से मालदा और उत्तर बंगाल के मुस्लिम बहुल इलाकों में कांग्रेस को नया संबल मिल सकता है. वहीं, तृणमूल कांग्रेस के लिए यह चुनाव से ठीक पहले एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है.
कैसे रहा है मौसम नूर का राजनीतिक सफर?
- मौसम नूर साल 2009 और 2014 में मालदा उत्तर से कांग्रेस की लोकसभा सांसद रहीं.
- 2011 में पश्चिम बंगाल युवा कांग्रेस की अध्यक्ष बनीं.
- 28 जनवरी, 2019 को ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी की मौजूदगी में TMC में शामिल हुईं.
- 2019 में टीएमसी के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा.
- 2020 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने मौसम नूर को राज्यसभा भेजा.



