दुनिया के सबसे व्यस्त सिंगल-रनवे हवाई अड्डों में से एक, छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CSMIA) ने टैक्सीवे M का परिचालन शुरू कर दिया है. यह नया एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर हवाई अड्डे की कार्यक्षमता को बढ़ाने और परिचालन को अधिक लचीला बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है.
क्या है टैक्सीवे M और क्यों था यह जरूरी?
वर्तमान में CSMIA प्रतिदिन औसतन 950 से अधिक विमानों की आवाजाही संभालता है. अब तक, मुख्य रनवे 09/27 के पास केवल एक ही पैरेलल टैक्सी ट्रैक उपलब्ध था, जिसका निरंतर उपयोग होने के कारण मेंटेनेंस और ट्रैफिक प्रबंधन में चुनौतियां आती थीं.
टैक्सीवे M की मुख्य विशेषताएं
- यह मुख्य रनवे 09/27 के साथ एक निरंतर समानांतर रास्ता प्रदान करता है.
- इसके शुरू होने से विमानों के टैक्सी समय में कमी आएगी.
- पीक ऑवर्स के दौरान विमानों के आने-जाने का प्रवाह बेहतर होगा, जिससे एयरलाइंस के समय पालन (OTP) में सुधार होगा.
चुनौतियों के बावजूद रिकॉर्ड समय में निर्माण
इस प्रोजेक्ट का निर्माण काफी जटिल था क्योंकि इसके रास्ते में ‘एयरोड्रोम रेस्क्यू एंड फायर फाइटिंग’ की इमारत बाधा बन रही थी. एयरपोर्ट प्रशासन ने आपातकालीन सेवाओं को प्रभावित किए बिना एआरएफएफ सुविधा को स्थानांतरित किया और निर्माण कार्य जारी रखा.
- निर्माण अवधि: मानसून की चुनौतियों के बावजूद इसे लगभग 240 दिनों में पूरा किया गया.
- सटीक योजना: चारों तरफ सक्रिय रनवे और टैक्सीवे से घिरे होने के बावजूद, DGCA की मंजूरी और बेहतर तालमेल से इसे 25 दिसंबर 2025 को शुरू कर दिया गया.
पर्यावरण और यात्रियों को फायदा
टैक्सीवे M के परिचालन से न केवल ट्रैफिक मैनेजमेंट आसान होगा, बल्कि यह पर्यावरण के लिए भी अनुकूल है.
- ईंधन की बचत: विमानों को रनवे तक पहुँचने के लिए कम दूरी तय करनी होगी, जिससे ईंधन की खपत कम होगी.
- कम उत्सर्जन: जमीन पर विमानों के कम समय तक रुकने से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी.
- बेहतर क्षमता: एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स (ATC) के पास अब विमानों की कतार और आवाजाही को संभालने के लिए अधिक विकल्प होंगे. टैक्सीवे M के साथ, मुंबई एयरपोर्ट अब मौजूदा ट्रैफिक को संभालने और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिक सक्षम हो गया है.



