- कांग्रेस नेता ने 2023 के बिल को लागू करने की मांग की।
Women Reservation Bill: केंद्र सरकार की ओर से लाया गया नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 का संशोधन विधेयक यानी महिला आरक्षण बिल संसद के विशेष सत्र के दौरान लोकसभा में पारित नहीं हो सका. केंद्र सरकार ने संविधान में 131वें संशोधन के लिए महिला आरक्षण बिल को संसद में पेश किया था, लेकिन शुक्रवार (17 अप्रैल, 2026) को बिल को दो-तिहाई बहुमत का समर्थन नहीं मिला. इस बिल के पक्ष में कुल 298 वोट पड़े, जबकि विपक्ष में 230 सांसदों ने वोट किया.
लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पारित न होने पर केंद्र सरकार ने चिंता जताई है. केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बिल पर वोटिंग होने के बाद कहा, ‘देश की महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने के लिए जो ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण बिल लाया गया था, उस पर विपक्ष ने हमारा साथ नहीं दिया.’ उन्होंने कहा, ‘यह बहुत ही खेद की बात है, विपक्ष ने एक मौका गंवा दिया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को जो सम्मान और अधिकार देने का अभियान है, वो लगातार जारी रहेगा और हम देश की महिलाओं को उनका अधिकार देकर ही रहेंगे.’
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महिला आरक्षण बिल के गिरने पर बोले राहुल गांधी
वहीं, लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पारित न होने पर सदन में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बिल संविधान पर एक हमला था और हमने इसे हमले को रोक दिया है. यह अच्छी बात है. उन्होंने कहा, ‘हमने पहले ही स्पष्ट रूप से यह कहा था कि यह महिला आरक्षण बिल नहीं है, बल्कि यह हिंदुस्तान का राजनीतिक ढांचा बदलने की कोशिश है और हमने इसे रोक दिया है.
पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए नेता विपक्ष ने कहा कि मैं प्रधानमंत्री से कह रहा हूं कि अगर आप महिला बिल चाहते हैं, तो आप साल 2023 का बिल निकालिए और उसे लागू कीजिए. पूरा विपक्ष सरकार का समर्थन करेगा.
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