बीजेपी कार्यकर्ता योगेश गौड़ा की हत्या के आरोप में दोषी करार दिए गए कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी समेत 16 दोषियों को विशेष अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. उनपर हत्या और साजिश करने को लेकर गंभीर आरोप के तहत यह कार्रवाई की गई है. साथ ही 30 हजार का जुर्माना भरने के निर्देश जारी किए गए हैं.
पूरा मामला साल 2016 से जुड़ा है, जब बीजेपी के नेता योगेश गौड़ा की हत्या कर दी गई थी. यह फैसला लंबे समय से चल रहे इस मामले में एक अहम घटनाक्रम है. यह राजनीतिक हिंसा के लिए जवाबदेही पर जोर देता है.
जस्टिस संतोष गजानन भट ने आरोपियों को हत्या की साजिश रचने का दोषी पाया है. अदालत ने इन्हें धाराओं के तहत दोषी पाया है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि आरोपियों को गैरकानूनी रूप से एकत्र होने, दंगा करने और हत्या से जुड़ी कई धाराओं के तहत दोषी पाया है.
आरोपियों पर सबूत मिटाने के आरोप
इसके अलावा कई आरोपियों को सबूत मिटाने के आरोप में दोषी करार अदालत की तरफ से दिया गया है. अदालत ने वासुदेव राम नीलेकणी और सोमशेखर बसप्पा न्यामगौड़ा के खिलाफ पुख्ता सबूत न होने पर बरी कर दिया.
इसके अलावा पुलिस अधिकारियों समेत कई स्वतंत्र गवाहों के खिलाफ झूठी गवाही देने को लेकर कार्यवाही शुरू करने का निर्देश दिया गया है. अदालत ने अभियोजन पक्ष पर सरकारी गवाह बने उस व्यक्ति के खिलाफ मामला चलाने की अनुमति दे दी है, जो बाद में अपने बयान से मुकर गया था.
पूरा घटनाक्रम साल 2016 से जुड़ा है
पूरा घटनाक्रम साल 2016 से जुड़ा है. बीजेपी नेता और धारवाड़ जिला पंचायत के पूर्व सदस्य योगेश गौड़ा की हत्या कुल्हाड़ी मारकर जिम में कर दी गई थी.
इधर शुरुआत में स्थानीय पुलिस ने मामले की जांच की थी. इसके बाद सीबीआई को केस सौंप दिया गया था. जांच के दौरान 100 से ज्यादा गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे. इस मामले में कुलकर्णी को 2020 में अरेस्ट किया गया था. लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी.
यह भी पढ़ें: नहीं मिलेगा, न देंगे और न किसी को देने देंगे…सदन में मुस्लिम आरक्षण को लेकर अमित शाह ने स्पष्ट किया सरकार का रुख



