एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की एंट्री ने बंगाल की सियासत में नया समीकरण खड़ा कर दिया है. एक तरफ तृणमूल कांग्रेस पर अल्पसंख्यकों के मुद्दे उठाने का दबाव बढ़ा है, तो दूसरी तरफ विपक्षी वोटों के बंटवारे की चर्चा भी तेज हो गई है. मुर्शिदाबाद के रघुनाथगंज में हुई जनसभा में ओवैसी ने सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी पार्टी TMC पर हमला बोला.
Raniganj, West Bengal: AIMIM Chief Asaduddin Owaisi says, “…At times, they call us BJP’s ‘B team’. We are only the voice of the people, and we will not accept anyone questioning the integrity of Muslims in Bengal. We have come here and we will continue to come. Our aim is to… pic.twitter.com/t2j8SjEP7J
— IANS (@ians_india) April 13, 2026
‘बी-टीम’ के आरोपों पर पलटवार
बंगाल की राजनीति में AIMIM को लेकर अक्सर यह आरोप लगाया जाता है कि वह बीजेपी की बी-टीम है. इस पर ओवैसी ने सख्त जवाब दिया. ओवेसी ने कहा, ‘कभी-कभी वे हमें बीजेपी की बी टीम कहते हैं. हम सिर्फ लोगों की आवाज हैं और हम बंगाल के मुसलमानों की इज्जत पर सवाल उठाने को स्वीकार नहीं करेंगे. हम यहां आए हैं और आते रहेंगे.’ ओवैसी ने साफ किया कि उनकी पार्टी का मकसद राजनीतिक भागीदारी और नेतृत्व सुनिश्चित करना है: हमारा मकसद है कि बंगाल के मुसलमानों को राजनीतिक एजेंसी और नेतृत्व मिले, क्योंकि तभी इंसाफ मिलेगा.’
#WATCH | Murshidabad, West Bengal: AIMIM president Asaduddin Owaisi addresses a public meeting in the Raghunathganj Assembly constituency.
He says, “Mamata Banerjee was the railway minister in the BJP… Then she resigned. Then the BJP supported her in 2003, and then the… pic.twitter.com/woyipf1JuI
— ANI (@ANI) April 13, 2026
ओवैसी ने टीएमसी के उस आरोप को भी पलटने की कोशिश की, जिसमें कहा जाता है कि उनकी एंट्री से बीजेपी को फायदा होगा. उन्होंने कहा, ’26 साल पहले 1998 में ममता बनर्जी ने बीजेपी से गठबंधन कर दमदम से बीजेपी उम्मीदवार को सांसद बनाया. क्या उस वक्त असदुद्दीन ओवैसी ने जाकर उन्हें कहा था कि बीजेपी से अलायंस कर लो?’ उन्होंने 1999 का भी जिक्र करते हुए कहा कि उस समय भी बीजेपी सांसद ममता के सहयोग से बना.
‘मुस्लिम अल्पसंख्यकों के साथ नाइंसाफी हुई’
ओवैसी का सवाल सीधा था, ‘मुर्शिदाबाद की सरजमीं पर किसी ने इंडस्ट्री या हमारे बच्चों के रोजगार की बात की?’ उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि आपने ममता बनर्जी को तीन बार मुख्यमंत्री बनाया, उनके उम्मीदवारों को संसद भेजा, लेकिन बदले में इलाके को क्या मिला?
ओवैसी ने अपने भाषण में अल्पसंख्यकों के मुद्दे को केंद्र में रखा. उन्होंने कहा, ‘बंगाल के मुस्लिम अकलियत (अल्पसंख्यक) से बहुत नाइंसाफी की गई. लोग ये आपको बोलते हैं कि सेक्युलरिज्म का साथ दो… लेकिन कोई भी इस पर बात नहीं करता.’
VIDEO | At a poll rally in Murshidabad, AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, “Grave injustice has been inflicted upon the Muslim minority of Bengal.” pic.twitter.com/sV8fZGCSsr
— Press Trust of India (@PTI_News) April 13, 2026
उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा, ‘जब दिसंबर 1962 में मोए मुकद्दस कश्मीर में चोरी हुआ और देशभर में दंगे हुए, तब इसी बंगाल से 8 लाख मुसलमानों को पूर्वी पाकिस्तान धकेल दिया गया था. तब ये सेक्युलरिज्म का नाम लेने वाले अंधे और बहरे क्यों हो गए थे?’ ओवैसी का यह बयान सीधे उस राजनीति पर सवाल उठाता है, जो खुद को सेक्युलर बताती है लेकिन जमीनी मुद्दों पर खामोश रहती है.



