<p>अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को बड़ी सफलता करार दिया है. व्हाइट हाउस ने कहा है कि इस अभियान से न केवल सैन्य लक्ष्य हासिल हुए, बल्कि कूटनीतिक बातचीत के लिए भी रास्ता तैयार हुआ. यह बयान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हमलों पर विराम लगाने के आदेश के बाद सामने आया है.</p>
<p>व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह अमेरिका के लिए एक बड़ी जीत है, जिसे राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सेना ने संभव बनाया है.</p>
<p><strong>‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ ने तय समय से पहले हासिल किए लक्ष्य</strong></p>
<p>लेविट ने बताया कि “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम के इस अभियान ने तय समय से पहले ही अपने सभी लक्ष्यों को हासिल कर लिया और उनसे आगे भी बढ़ गया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने शुरुआत में इस अभियान की अवधि 4 से 6 सप्ताह बताई थी, लेकिन अमेरिकी सेना ने 38 दिनों में ही अपने मुख्य सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया.</p>
<p><strong>सैन्य सफलता को कूटनीति से जोड़ा</strong></p>
<p>यह बयान प्रशासन की ओर से अब तक का सबसे स्पष्ट संकेत है, जिसमें सैन्य कार्रवाई को रोकने को पीछे हटने के बजाय युद्धक्षेत्र में मिली सफलता के रूप में पेश किया गया है. लेविट ने कहा कि इस अभियान से वाशिंगटन की बातचीत की स्थिति मजबूत हुई है.</p>
<p><strong>ईरान पर दबाव बना, बातचीत का रास्ता खुला</strong></p>
<p>उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना की सफलता ने अधिकतम दबाव बनाया, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम को कड़े रुख के साथ बातचीत करने का मौका मिला. इससे कूटनीतिक समाधान और दीर्घकालिक शांति की दिशा में रास्ता खुला है. लेविट ने इस अभियान को होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति से भी जोड़ा, जो वैश्विक स्तर पर एक अहम समुद्री मार्ग है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस जलमार्ग को फिर से खुलवाने में भूमिका निभाई, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सकी.</p>



