पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीति पूरे जोर पर है. सभी राजनीतिक पार्टियां मतदाताओं को अपनी पक्ष में करने को लेकर एक-दूसरे पर लगातार आरोप-प्रत्यारोप लगा रही हैं. इस बीच, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की ओर से उर्दू में जारी किए गए चुनावी मैनिफेस्टो को लेकर भी बंगाल का सियासी माहौल गर्म है, जिसे लेकर अब AIMIM प्रमुख और लोकसभा सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा हमला किया है.
ममता बनर्जी को लेकर क्या बोले AIMIM चीफ?
हैदराबाद से लोकसभा सांसद और AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बिहार की राजधानी पटना में इस मामले पर मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि मुसलमानों को लेकर बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का दोहरा चरित्र है. उन्होंने कहा कि पिछले साल कलकत्ता हाई कोर्ट ने राज्य के 5 लाख बैकवर्ड सर्टिफिकेट्स को कैंसिल कर दिया था, जो ममता सरकार की ओर से जारी किए गए थे. उन पांच लाख बैकवर्ड सर्टिफिकेट्स में से तीन लाख सर्टिफिकेट्स मुसलमानों के थे. जिस पर अभी तक कोई बात ही नहीं हो रही है.
#WATCH | Patna, Bihar | On TMC’s manifesto for the 2026 West Bengal Assembly election, AIMIM chief Asaduddin Owaisi says, “Mamata Banerjee has a double face. Last year, the High Court cancelled 5 lakh backward certificates. This included about 3 lakh backward certificates of… pic.twitter.com/EAz7RxydoH
— ANI (@ANI) April 5, 2026
मालदा-मुर्शिदाबाद के मुसलमान बेहद गरीबः ओवैसी
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘ममता बनर्जी उर्दू में अपना चुनावी एजेंडा छाप कर क्या कर लेंगी? पश्चिम बंगाल की कुल आबादी में से 29 प्रतिशत हिस्से में मुसलमान समुदाय के आते हैं, फिर भी राज्य की सरकारी नौकरियों में मुसलमानों का आंकड़ा मात्र 7 प्रतिशत का ही है. बंगाल में स्कूली शिक्षा छोड़ने वालों (स्कूल ड्रॉपआउट) में सबसे बड़ी संख्या मुसलमानों की है. बच्चियों की साक्षरता दर में बेहद कम है. अगर बंगाल के मालदा और मुर्शिदाबाद जिले में रहने वाले मुसलमानों को देखें तो राज्य के अन्य हिस्सों के मुकाबले वहां रहने वाले लोग ज्यादा गरीब हैं.’
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने TMC पर साधा निशाना
इससे पहले केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह ने भी तृणमूल कांग्रेस के उर्दू भाषा में मैनिफेस्टो जारी करने पर तीखी टिप्पणी की थी. उन्होंने कहा था कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में भाषाई और तुष्टीकरण की राजनीति करती आ रही है, लेकिन अब बंगाल की जनता ने उनका असली चेहरा देख लिया है. इस बार के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल की जनता उन्हें उनके तुष्टीकरण की राजनीति का जवाब एकजुट होकर सत्ता परिवर्तन करके देगी.



