Middle East Tensions: मिडिल ईस्ट में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष और तनाव के कारण दुनिया के कई देशों पर भी इसका असर पड़ा है. अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान में अब तक हजारों से संख्या में मिसाइलों और हमलावर ड्रोन्स के जरिए हमलों को अंजाम दिया जा चुका है. जिसमें अब तक कई हजार लोगों की जान भी जा चुकी है. इस बीच भारत सरकार ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को ईरान से सुरक्षित रूप से देश लौटे भारतीय नागरिकों के बारे में जानकारी दी है.
केंद्र सरकार ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत ने अब तक आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते से करीब 1,200 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित रूप से निकाला है.
दोनों देशों में दूतावास नागरिकों से वापसी के लिए कर रहे कामः MEA
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार (2 अप्रैल, 2026) को अंतर-मंत्रालयी प्रेस ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए कहा कि भारत ईरान से अपने नागरिकों को निकालने के लिए आर्मेनिया और अजरबैजार के रास्ते का इस्तेमाल कर रही है और अब तक ईरान से निकाले गए 1,200 भारतीय नागरिकों में से 845 छात्र हैं.
उन्होंने कहा, ‘ईरान में फंसे लोगों में से 996 भारतीय आर्मेनिया और 204 लोग अजरबैजान पहुंचे हैं, जहां विदेश मंत्रालय उनकी लगातार मदद कर रहा है. दोनों देशों में भारतीय दूतावास स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रहे हैं.’ उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि भारत वापस लाए जाने से पहले ट्रांजिट से निकाले गए लोगों की मदद के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की गई हैं और उनकी मदद की जा रही है.
अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर PM मोदी ने वैश्विक नेताओं से की वार्ता
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस वक्त मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के साथ-साथ अन्य अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों को लेकर दुनियाभर के देशों के नेताओं से बातचीत कर रहे हैं. इसी क्रम में पीएम मोदी ने 28 मार्च, 2026 को सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से वार्ता की है. दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर चर्चा की और इस दौरान पीएम मोदी ने खाड़ी क्षेत्र के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर किए गए हमलों की निंदा की.’



