Greater Hyderabad Municipal Corporation के एक सुपरवाइजर ने हैदराबाद के गुडिमलकापुर इलाके में सड़क किनारे कचरा फेंकने की समस्या से निपटने के लिए अनोखा और भावनात्मक तरीका अपनाया. आमतौर पर जहां प्रशासन जुर्माना और सख्ती का सहारा लेता है, वहीं इस अधिकारी ने “गांधीगिरी” के जरिए लोगों को जागरूक करने की पहल की.
सुपरवाइजर खुद मौके पर पहुंचे और स्थानीय निवासियों से बातचीत करते हुए हाथ जोड़कर विनम्र अपील की कि वे सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न फेंकें और अपने आसपास सफाई बनाए रखें. उनके इस व्यवहार ने लोगों को भावुक कर दिया और मौके पर मौजूद कई लोगों ने इस पहल की सराहना की.
स्थानीय लोगों के अनुसार, गुडिमलकापुर में लंबे समय से कचरा फेंकने की समस्या बनी हुई है, जिससे गंदगी, बदबू और मच्छरों के कारण स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ़ जाते हैं. ऐसे में इस तरह की संवेदनशील अपील लोगों के व्यवहार में बदलाव लाने में ज्यादा प्रभावी साबित हो सकती है.
यह पहल इस बात का उदाहरण है कि सिर्फ सख्ती ही नहीं, बल्कि समझदारी और मानवीय दृष्टिकोण से भी समस्याओं का समाधान निकाला जा सकता है. अगर प्रशासन और नागरिक मिलकर काम करें, तो शहर को साफ और स्वच्छ बनाए रखना आसान हो सकता है.



