<p style="text-align: justify;">मिडिल ईस्ट <strong>(Iran US Israel War)</strong> में जारी जंग कब थमेगी, इसका अभी किसी को पता नहीं है. ऐसे में केंद्र की मोदी सरकार युद्ध के असर को न्यूनतम करने के लिए ठोस उपाय करने में जुटी है. इसी के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी <strong>(PM Narendra Modi)</strong> ने आह्वान किया है कि सभी राज्य सरकारों को केंद्र के साथ मिलकर टीम इंडिया के रूप में काम करना होगा.</p>
<p style="text-align: justify;">संसद से दिए गए इस मैसेज के बाद प्रधानमंत्री मोदी आज (27 मार्च) को खुद सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों (पांच चुनावी राज्यों को छोड़कर) से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातकर राज्यों की तैयारियों पर चर्चा करेंगे कि कैसे युद्ध के संभावित दुष्प्रभावों से आमजन को सुरक्षित रखा जाए. कोविड काल में भी पीएम मोदी ने इसी तरह राज्यों को साथ लेकर आगे बढ़ने की रणनीति पर काम किया था. जिन 5 राज्यों में चुनाव आदर्श आचार संहिता लागू है, वहां की तैयारियों को लेकर कैबिनेट सचिव वहां के मुख्य सचिवों के साथ बैठक करेंगे.</p>
<p style="text-align: justify;">अमेरिका-इजरायल के ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक कारोबार और सप्लाई चेन पर बुरा प्रभाव पड़ा है. सबसे अधिक असर एनर्जी, तेल और खाद आदि की आपूर्ति पर पड़ा है. </p>
<p style="text-align: justify;">कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने पोस्ट कर कहा कि सोचिये अगर इस वक्त 5 राज्यों के चुनाव ना होते तब <strong>LPG</strong>, पेट्रोल और डीज़ल के दाम क्या होते ? तेल कंपनियां आम जनता को किस तरह लूट रही होतीं, अब कम से कम 23 अप्रैल तक ज्यादा लूट नहीं हो पायेगी इसलिए लोकतंत्र में हर साल किसी न किसी राज्य में चुनाव होता रहना चाहिए, ताकि सरकार काबू में रहे.</p>



