रमजान के आखिरी जुमे पर हैदराबाद की ऐतिहासिक मक्का मस्जिद में AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान पर जमकर निशाना साधा और उसे इजरायल का छोटा भाई करार दिया. यह कोई सामान्य बयान नहीं था एक मुस्लिम नेता की तरफ से एक मुस्लिम मुल्क की इस कड़े लहजे में आलोचना करना अपने आप में असाधारण है. ओवैसी ने कहा “ये हमारा पड़ोसी पाकिस्तान भी इज़रायल का छोटा भाई है. ये दोनों ऐसे मुल्क हैं जो अपने पड़ोसियों को सुकून से कभी रहने नहीं देंगे. पाकिस्तान बड़ा दावा करता है इस्लाम का अरे काहे का इस्लाम? तुमको इस्लाम का अलिफ भी नहीं मालूम.”
ओवैसी का यह गुस्सा बेबुनियाद नहीं था. 16 मार्च को पाकिस्तान ने काबुल में एक ड्रग पुनर्वास अस्पताल पर हवाई हमला किया. तालिबान सरकार के अनुसार इस हमले में 400 लोग मारे गए और 250 से अधिक घायल हुए. पाकिस्तान ने अस्पताल पर हमले के दावे को झूठा और जनमत को गुमराह करने वाला बताया और कहा कि उसने केवल सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया. लेकिन दुनिया भर की मीडिया और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने इस हमले की कड़ी निंदा की.
ओवैसी ने प्रधानमंत्री मोदी पर साधा निशाना
काबुल में 400 पीड़ितों के लिए सामूहिक दफन हुआ अफगान रेड क्रीसेंट के स्वयंसेवक बारिश में भीगते हुए सादे लकड़ी के ताबूत लेकर एक पहाड़ी पर खुदी सामूहिक कब्र तक पहुंचे. इन ताबूतों में बंद लाशों को देखते हुए ओवैसी के शब्द और भी भारी लगते हैं. ओवैसी ने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी पर भी निशाना साधा और कहा कि अगर भारत ने पश्चिम एशिया संघर्ष पर सच में तटस्थ रुख अपनाया होता तो दुनिया में उसकी आवाज़ का वजन कहीं ज़्यादा होता.
पाकिस्तान पर ओवैसी की आलोचना
पाकिस्तान पर ओवैसी की यह आलोचना ऐसे वक्त आई है जब पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद के मौके पर अस्थायी युद्धविराम की घोषणा की है लेकिन पाकिस्तान ने साफ कह दिया है कि किसी भी सीमा पार हमले पर ऑपरेशन नई तीव्रता से फिर शुरू होगा. एक मस्जिद के मंच से, ईद की पूर्व संध्या पर, एक मुस्लिम नेता का यह बयान कि पाकिस्तान को इस्लाम का अलिफ नहीं मालूम बहुत कुछ कह जाता है.



