Thursday, March 19, 2026
spot_img
HomeBusinessIndia-Iran Relations: 'जंग में जीतेगा ईरान, भारत को...', पूर्व RAW चीफ ने...

India-Iran Relations: ‘जंग में जीतेगा ईरान, भारत को…’, पूर्व RAW चीफ ने किया चौंकाने वाला दावा, बताया दोनों देशों का कनेक्शन

मिडिल ईस्ट में चल रही जंग के कारण दुनियाभर में ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है. ईरान, इज़रायल और अमेरिका के बीच जारी जंग का असर भारत पर भी साफ दिख रहा है, जहां तेल और गैस की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई है. इसी बीच Research And Analysis Wing (RAW) के पूर्व प्रमुख अमरजीत सिंह दुलत ने बड़ा बयान दिया है. ANI की रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि भारत के ईरान के साथ पुराने और मजबूत रिश्ते रहे हैं.

अमरजीत सिंह दुलत ने कहा, ‘हम हमेशा ईरान के साथ रहे हैं और हमारे संबंध काफी पुराने हैं.’ इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा हालात में अमेरिका और इजरायल के साथ चल रहे संघर्ष में ईरान की जीत हो सकती है. हालांकि, उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि जो कुछ भी अभी हो रहा है, वह चिंताजनक है. यह बयान ऐसे समय में आया है, जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते हमलों के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की कीमतों में उछाल का खतरा बना हुआ है, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ सकता है.

भारत और ईरान का रिश्ता

भारत की आज़ादी के बाद भारत और ईरान के बीच रिश्ते धीरे-धीरे मजबूत होते गए. दोनों देशों ने औपचारिक कूटनीतिक संबंध बनाए और समय के साथ सहयोग बढ़ाया. 1950 से 1970 के दौर में ईरान का झुकाव अमेरिका की ओर था. इसके बावजूद ईरान ने भारत के साथ अपने संबंध बनाए रखे. इस समय दोनों देशों के बीच संतुलन और समझ देखने को मिली. 1979 में ईरान में इस्लामिक क्रांति हुई, जिसके बाद उसकी विदेश नीति में बड़ा बदलाव आया. इसके बाद भी भारत ने संतुलित नीति अपनाई. भारत ने एक तरफ ईरान के साथ अपने रिश्ते बनाए रखे और दूसरी तरफ पश्चिमी देशों के साथ भी संबंध जारी रखे. आधुनिक समय में भारत और ईरान के रिश्ते कई अहम क्षेत्रों में मजबूत हुए हैं. ऊर्जा के क्षेत्र में ईरान भारत का बड़ा तेल सप्लायर रहा है. भारत अपनी जरूरतों के लिए लंबे समय तक ईरान से तेल लेता रहा है.

चाबहार बंदरगाह दोनों देशों के रिश्तों का अहम हिस्सा

इसके अलावा चाबहार बंदरगाह दोनों देशों के रिश्तों का अहम हिस्सा है. भारत इस बंदरगाह के विकास में मदद कर रहा है. इससे भारत को अफ़ग़ानिस्तान और मध्य एशिया तक सीधा रास्ता मिलता है, जिसमें पाकिस्तान को बायपास किया जा सकता है. व्यापार और कनेक्टिविटी के लिए International North-South Transport Corridor (INSTC) भी बहुत महत्वपूर्ण है. यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है, जो भारत, ईरान और रूस को जोड़ता है और व्यापार को आसान बनाता है.

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments