मोइनाबाद फार्महाउस ड्रग पार्टी कांड की आंच अब तेलंगाना विधानमंडल के भीतर तक पहुंच गई. तेलंगाना विधान परिषद के सोमवार के सत्र में तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष और विधान परिषद सदस्य महेश कुमार गौड़ ने भारत राष्ट्र समिति सुप्रीमो के. चंद्रशेखर राव और कार्यकारी अध्यक्ष के.टी. रामाराव को नशा परीक्षण के लिए खुली चुनौती दे डाली.
क्या बोले महेश कुमार गौड़?
सदन में विपक्षी बेंच की तरफ मुखातिब होते हुए महेश कुमार गौड़ ने कहा ‘क्या आपके नेता ही फार्महाउस में नहीं पकड़े गए? हमारे मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी इसी वक्त नशा परीक्षण के लिए तैयार हैं आप के. चंद्रशेखर राव को लाइए.’ महेश कुमार गौड़ ने सदन में सुझाव दिया कि विधानसभा सत्र के दौरान सभी विधायकों और विधान परिषद सदस्यों को परिसर में प्रवेश से पहले नशा परीक्षण कराना अनिवार्य किया जाए.
नशे की बढ़ती समस्या पर सरकार पर साधा निशाना
उन्होंने तेलंगाना में नशे की बढ़ती समस्या के लिए भारत राष्ट्र समिति के दस साल के शासन को सीधे ज़िम्मेदार ठहराया. उनके शब्दों में “पिछले 10 सालों में इस राज्य में गाँजे की सप्लाई बेतहाशा बढ़ी है. कोकेन अब चॉकलेट की तरह मिल रहा है. किराना दुकानों पर बिस्कुट की तरह कोकेन मिल रहा है. इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है?”
के.टी. रामाराव ने किया पलटवार
महेश कुमार गौड़ की इस चुनौती पर के.टी. रामाराव ने पलटवार करते हुए कहा “मैं किसी भी वक्त नशा परीक्षण के लिए तैयार हूँ.” लेकिन साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि भारत राष्ट्र समिति का नाम इस मामले में घसीटने वालों को कानूनी नोटिस भेजा जाएगा “ड्रग केस का इस्तेमाल भारत राष्ट्र समिति के खिलाफ राजनीतिक स्कोर सेटल करने के लिए करना घिनौनी राजनीति का प्रतिबिंब है.”
कांग्रेस के युवा संगठन ने गांधी भवन में के.टी. रामाराव और पायलट रोहित रेड्डी के पुतले जलाए. विधान परिषद सदस्य बालमूरी वेंकट के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं ने भी के.टी. रामाराव का पुतला फूंककर नशा परीक्षण की मांग की.
टीडीपी सांसद के इस्तीफे की मांग
इधर वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने तेलुगु देशम पार्टी को “तेलुगु ड्रग्स पार्टी” करार दे दिया और विपक्ष ने सरकार के “नशे को ना कहो” अभियान की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए तेलुगु देशम पार्टी के सांसद पुट्टा महेश कुमार के इस्तीफे की मांग की. एक फार्महाउस में हुई रात की पार्टी ने तेलंगाना की राजनीति को पूरी तरह हिला दिया है और यह सिलसिला अभी थमने का नाम नहीं ले रहा.



