- नई दिल्ली रेलवे स्टेशन अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसा बनेगा।
- यात्रियों की क्षमता 4.5 लाख से 7 लाख होगी।
- पार्किंग क्षमता 7 गुना बढ़ेगी, 2100 कारें होंगी।
- 100 मीटर ऊंचे ट्विन टावर और विशाल कॉनकोर्स बनेगा।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जल्द ही एक नए और आधुनिक रूप में नजर आने वाला है, जहां यात्रियों को पारंपरिक रेलवे स्टेशन के बजाय इंटरनेशनल एयरपोर्ट जैसा अनुभव मिलेगा. भारतीय रेलवे के बड़े रीडिवलपमेंट प्लान के तहत इसे एक मल्टी-मॉडल ग्लोबल हब के तौर पर विकसित किया जा रहा है, जिससे सफर ज्यादा आसान, आरामदायक और व्यवस्थित हो जाएगा.
बढ़ती भीड़ के बीच बड़ा बदलाव, क्षमता में होगा भारी इजाफा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, लगातार बढ़ती आबादी और यात्रियों के दबाव को देखते हुए स्टेशन के विस्तार पर तेजी से काम किया जा रहा है. फिलहाल रोजाना करीब 4.5 लाख यात्री इस स्टेशन का इस्तेमाल करते हैं, जिसे बढ़ाकर 7 लाख तक ले जाने की तैयारी है. स्टेशन का कुल क्षेत्रफल भी मौजूदा करीब 17,274 वर्गमीटर से बढ़ाकर लगभग 1,09,040 वर्गमीटर किया जाएगा, जिसमें बेसमेंट एरिया भी शामिल रहेगा. इस बदलाव के बाद यात्रियों को भीड़भाड़ से काफी राहत मिलेगी.
पार्किंग और कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी सुधार
नए डिजाइन में पार्किंग व्यवस्था को खास प्राथमिकता दी गई है. स्टेशन पर पार्किंग क्षमता को करीब 7 गुना बढ़ाकर लगभग 2,100 कारों के लिए जगह बनाई जाएगी. इसके अलावा, यात्रियों की सुविधा के लिए 10 मीटर ऊंचाई पर एक आधुनिक रोड नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिससे वाहन सीधे ड्रॉप ऑफ पॉइंट तक पहुंच सकेंगे और ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी.
ट्विन टावर्स और विशाल कॉनकोर्स से बदलेगा पूरा नजारा
स्टेशन परिसर में लगभग 100 मीटर ऊंचे, करीब 20 मंजिला ट्विन टावर्स बनाए जाएंगे, जो इस पूरे प्रोजेक्ट की पहचान बनेंगे. इसके साथ ही करीब 60,000 वर्गमीटर में फैला एक विशाल कॉनकोर्स भी तैयार किया जाएगा, जो जमीन से करीब 10 मीटर ऊंचाई पर होगा. इस कॉनकोर्स का डिजाइन खुला और हवादार रखा जाएगा, ताकि यात्रियों को भीड़ के बीच भी आरामदायक माहौल महसूस हो और आवाजाही सुगम बनी रहे.
आधुनिक सुविधाओं के साथ आसान और स्मार्ट सफर की तैयारी
पूरे प्रोजेक्ट का उद्देश्य यात्रियों को एक ऐसी सुविधा देना है, जहां सफर सिर्फ एक जरूरत नहीं बल्कि बेहतर अनुभव बन जाए. नई दिल्ली रेलवे स्टेशन का यह कायाकल्प न केवल राजधानी की पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि देश में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के नए मानक भी स्थापित करेगा.



