नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) श्रीनगर में हाल ही में पकड़े गए लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के अंतर-राज्यीय आतंकी मॉड्यूल की जांच अपने हाथ में लेगी. अधिकारियों ने संकेत दिया है कि केंद्रीय एजेंसी इस मामले में गिरफ्तार किए गए दो पाकिस्तानी आतंकवादियों की कस्टडी भी मांगेगी.
यह घटनाक्रम श्रीनगर की एक अदालत की तरफ से पांच आरोपियों को श्रीनगर पुलिस की दस दिन की रिमांड पर भेजने के एक दिन बाद सामने आया है. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने दावा किया है कि उसने LeT के एक ‘गहरे तक फैले’ नेटवर्क को खत्म कर दिया है और पांच गुर्गों को गिरफ्तार किया है.
इनमें दो पाकिस्तानी नागरिक अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब और उनके स्थानीय साथी शामिल हैं. अब्दुल्ला और उस्मान को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पंजाब पुलिस के साथ मिलकर 28 मार्च को मलेरकोटला से एक संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य आरोपियों को श्रीनगर पुलिस ने श्रीनगर शहर के बाहरी इलाकों में अलग-अलग अभियानों के दौरान हिरासत में लिया था.
अलग-अलग राज्यों से करीबन 15 लोग हिरासत में लिए गए
सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए पांच लोगों के अलावा, हरियाणा और राजस्थान के कम से कम 15 लोग और 10 स्थानीय लोग श्रीनगर पुलिस की हिरासत में हैं और इन घटनाक्रमों को देखते हुए, इस मामले को—इसके अंतर-राज्यीय संबंधों और व्यापक आतंकी प्रभावों के कारण—विस्तृत जांच के लिए NIA को सौंपे जाने की उम्मीद है.
उन्होंने कहा कि एक बार जब NIA औपचारिक रूप से जांच अपने हाथ में ले लेगी, तो वह उन दो विदेशी आतंकवादियों की कस्टडी मांगेगी, जो फिलहाल श्रीनगर की एक विशेष अदालत के आदेश पर पुलिस रिमांड पर हैं.
एक नामित अदालत ने इससे पहले आरोपियों को 10 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा था. अदालत ने टिप्पणी की थी कि ये अपराध “गंभीर और संगीन प्रकृति के” हैं और देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए खतरा पैदा करते हैं.
कैसे हुआ आतंकी मॉड्यूल का भांडाफोड़
यह आतंकी मॉड्यूल जिसका नेतृत्व अबू हुरैरा कर रहा था (जो कथित तौर पर लगभग 16 वर्षों से जम्मू-कश्मीर में सक्रिय था) जम्मू-कश्मीर, राजस्थान और हरियाणा में की गई छापेमारी वाले एक बहु-राज्यीय अभियान के बाद सामने आया.
जांच में पता चला कि आरोपियों ने फर्जी पहचान और दस्तावेजों का इस्तेमाल करके एक नेटवर्क बनाया था. यह नेटवर्क राज्यों के बीच आवाजाही में मदद करता था और विदेशी आतंकवादियों को पनाह, फंडिंग और सुरक्षित ठिकाने (सेफ हाउस) जैसी लॉजिस्टिक सहायता मुहैया कराता था.
भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद
पुलिस ने कई जगहों पर तलाशी के दौरान भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी बरामद किया, जिसमें AK-सीरीज़ की राइफलें, पिस्तौल, हथगोले और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं. इस संबंध में जकूरा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 24/2026 के तहत, गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18, 19, 20, 23, 38 और 39 के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम की धारा 7/25 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 4 के तहत एक मामला दर्ज किया गया है.
अधिकारियों ने बताया कि जांच से LeT के वित्तीय और ऑपरेशनल नेटवर्क का खुलासा हुआ है. अब तक पूछताछ के लिए लगभग 40 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, और जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी गिरफ्तारियां होने की संभावना है.
उन्होंने आगे कहा कि NIA द्वारा जांच का जिम्मा संभालने से जांच का दायरा और बढ़ने की उम्मीद है, खासकर इस आतंकी मॉड्यूल से जुड़े अंतर-राज्यीय संबंधों, फंडिंग के स्रोतों और संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच के मामले में.
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