तेलंगाना और केरल के मुख्यमंत्रियों के बीच चिट्ठियों की जंग तेज हो गई है. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने जब यह कहा कि वो तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी से बहस में नहीं पड़ना चाहते, तो रेवंत रेड्डी ने मंगलवार को एक विस्तृत जवाबी पत्र लिखकर विजयन के हर दावे की हवा निकाल दी.
रेवंत रेड्डी ने अपने पत्र में पहले विजयन की भाषा पर आपत्ति जताई. उन्होंने लिखा कि मैं तो सम्मानजनक और शालीन ढंग से जवाब देना चाहता था, लेकिन आपके पत्र की भाषा आपत्तिजनक थी. इसके बाद उन्होंने एक-एक मुद्दे पर विजयन को घेरा.
रेड्डी ने पूछे चार सवाल
पहला सवाल था केरल की ‘उपलब्धियों’ पर. रेवंत रेड्डी ने लिखा कि केरल की जो भी तरक्की है, वो पिछली UDF सरकारों की मेहनत का नतीजा है, LDF की लगातार दो सरकारों के दौर में क्या हुआ, यह केरल की जनता को बताइए.
SDG इंडेक्स 2023-24 के आंकड़ों को लेकर लिया आड़े हाथ
दूसरा तीखा सवाल था नीति आयोग के SDG इंडेक्स 2023-24 को लेकर. रेवंत रेड्डी ने स्पष्ट किया कि जिस दौर के आंकड़े विजयन तेलंगाना पर थोप रहे हैं, उस वक्त यहां BRS-BJP के दस साल के कुशासन की आखिरी बेला थी. मौजूदा कांग्रेस सरकार को 28 महीनों के काम के आधार पर परखा जाए. उन्होंने बताया कि 2024-25 में तेलंगाना की GSDP 16.12 लाख करोड़ रुपये रही, जो 10.7% की वृद्धि दर के साथ राष्ट्रीय औसत 9.9% से आगे है. RBI हैंडबुक के मुताबिक, तेलंगाना ने कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और केरल को पीछे छोड़ दिया है.
सच में खत्म हो गई गरीबी?
तीसरा सवाल था विजयन के उस दावे पर जिसमें उन्होंने 2025 तक केरल से अत्यंत गरीबी खत्म करने की बात कही थी. रेवंत रेड्डी ने पूछा ‘अप्रैल 2026 आ गया और आपके अपने पत्र में 64,006 परिवार अभी भी योजनाओं पर निर्भर हैं तो क्या गरीबी सच में खत्म हुई?’
गोल्ड स्मगलिंग केस को लेकर साधा निशाना
सबसे धारदार सवाल था सोने की तस्करी पर. रेवंत रेड्डी ने पूछा अगर केरल सरकार इतनी पाक-साफ है, तो गोल्ड स्मगलिंग केस में आपके कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों की संलिप्तता दस्तावेज़ों सहित साबित होने के बाद भी वो मामला अनसुलझा क्यों है? और सबरीमला मंदिर से 4.5 किलो सोने की कथित अवैध ढुलाई का जवाब क्यों नहीं दिया जा रहा?



