Friday, April 3, 2026
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दोष मच्छरों का या सिस्टम का? असेंबली में ‘मच्छरदानी’ पहनकर पहुंचे BRS विधायक, मचा हंगामा

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जब समस्याएं इतनी बढ़ जाएं कि नेता खुद मच्छरों से बचने के लिए जाल पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंच जाएं, तो समझ लेना चाहिए कि मामला सिर्फ मच्छरों का नहीं, व्यवस्था का भी है. हैदराबाद में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला. तेलंगाना विधानसभा के मीडिया हॉल में उस समय अजीब स्थिति पैदा हो गई, जब BRS विधायक सुधीर रेड्डी मच्छरों के बढ़ते प्रकोप के खिलाफ विरोध जताने के लिए मच्छरदानी पहनकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने पहुंचे. उनका यह अनोखा अंदाज सरकार का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचने के लिए था, लेकिन मामला यहीं नहीं रुका.

पत्रकारों से मिलने पहुंचे BRS विधायक को मार्शल्स ने रोका

जैसे ही विधायक सुधीर रेड्डी मीडिया हॉल में प्रवेश करने लगे, असेंबली के मार्शल्स ने उन्हें रोक दिया और मच्छरदानी पहनकर प्रेस मीट करने की उनकी कोशिश को बीच में ही बाधित कर दिया गया. इस दौरान मार्शल्स की कार्रवाई को लेकर वहां हल्का तनाव भी देखने को मिला. विधायक सुधीर रेड्डी ने मार्शल्स के इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें अपनी बात रखने से रोका जा रहा है, जबकि वे सिर्फ शहर में बढ़ती मच्छरों की समस्या और उससे होने वाली बीमारियों पर सरकार का ध्यान आकर्षित करना चाहते थे.

उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अगर हालात ऐसे ही रहे, तो आम जनता को भी इसी तरह मच्छरदानियां पहनकर घर से निकलना पड़ेगा. उनका कहना था कि सरकार मच्छरों की समस्या को गंभीरता से नहीं ले रही है, जबकि इससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है.

सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सरकार पर उठ रहे सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सरकार की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. जहां एक तरफ विधायक अपने तरीके से विरोध जताने की कोशिश कर रहे थे, वहीं दूसरी तरफ उन्हें रोकने की कोशिश ने इस मुद्दे को और ज्यादा सुर्खियों में ला दिया.

राजनीतिक गलियारों में भी अब इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है. विपक्ष ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर रोक बताया है, जबकि सत्तारूढ़ पक्ष की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. कुल मिलाकर, मच्छरों के मुद्दे ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है और यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इस पर क्या कदम उठाती है?

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